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Paddy HKR48: धान की एचकेआर 48 किस्म रोपाई करने के बाद 118 दिन में होती है तैयार

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Paddy HKR48: The HKR 48 variety of paddy is ready in 118 days after transplanting
Mahendra india news, sirsa
कुछ ही दिनों में मानसून की बरसात शुरू हो जाएगी। मानसून की बरसात के सीजन में अनेक प्रदेशों में धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो जाता है। वैसे देखे तो खरीफ की फसल खासकर धान की अच्छी पैदावार के लिए समय रहते खेत की तैयारी, उन्नत बीजों का चयन और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। Paddy HKR48​ किस्म कम समय में तैयार होने वाली किस्म है। धान की Paddy HKR48​ किस्म रोपाई करने के बाद 118 दिन में तैयार होती है। इससे किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। धान की अगर अच्छी किस्म की रोपाई किसान करेंगे तो इससे अच्छी आमदनी होगी। धान की रोपाई करने का कुछ समय बाद सीजन शुरू होने वाला है। किसान कुछ ही समय बाद नर्सरी धान की शुरू कर दें। धान की रोपाई करने वाले किसान अभी से धान की किस्म को लेकर मंथन कर रहे हैं। 

Paddy HKR48​ से अधिक उपज ले सकते हैं
किसान Paddy HKR48​ से अधिक उपज ले सकते हैं। इस उपज से किसान मालामाल हो सकते हैं। किसान इसके लिए अधिक पैदावार लेने के लिए भरपूर मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। इस पर किसान विशेष ध्यान दें। 

धान हरियाणा प्रदेश की खरीफ फसल में आती है। इस धान की खेती सिंचित एरिया की जमीन पर की जाती है। करनाल, सिरसा, कुरूक्षेत्र, युमनानगर, अंबाला, पानीपत, फतेहाबाद, सोनीपत जिले मुख्य धान उत्पादक जिले हैं। यह जिले उत्तम श्रेणी का चावल पैदा करने के लिए प्रसिद्ध है। 

न गिरने वाली किस्म 
Paddy HKR48​ किस्म की खास बात है कि यह छोटे क द की है। इसका तना मजबूत होता है। इसलिए यह न गिरने वाली फसल है। बालियों में दानों की संख्या अधिक होती है। इसकी ऊंचाई 118 सेंटीमीटर है। धान की यह किस्म अधिक उपज देने वाली Paddy HKR48​ इंडिका जाति की किस्म है। इसके चावल लंबे व पतले होते हैं। 


118  दिन में होती है तैयार 
Paddy HKR48​ के बारे में यह भी बता दें कि यह 118 दिन में तैयार होती है। इस किस्म की औसत पैदावार इस किस्म की 24 क्विंटल प्रति एकड़ रहती है। इससे भी अधिक पैदावार भी किसान ले सकते हैं। इसके लिए समय पर किसानों को ध्यान देना होगा।

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जीवाणुज बीज अंगमारी अवरोधी 
इस  Paddy HKR48​ किस्म की खास बात ये भी है कि यह जीवाणुज बीज अंगमारी अवरोधी तथा तना गलन के लिए सहनशील है। इसकी औसत पैदावार इसी के कारण अच्छी रहती है। धान हरियाणा प्रदेश की खरीफ फसल है। इस धान की खेती सिंचित जमीन पर की जाती है। करनाल, सिरसा, कुरूक्षेत्र, युमनानगर, अंबाला, पानीपत, फतेहाबाद, सोनीपत जिले मुख्य धान उत्पादक जिले हैं। यह जिले उत्तम श्रेणी का चावल पैदा करने के लिए प्रसिद्ध है। 

Paddy HKR48​ से अधिक उपज ले सकते हैं
किसान Paddy HKR48​ से अधिक उपज ले सकते हैं। इस उपज से किसान मालामाल हो सकते हैं। किसान इसके लिए अधिक पैदावार लेने के लिए भरपूर मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। इस पर किसान विशेष ध्यान दें। 

धान हरियाणा प्रदेश की खरीफ फसल में आती है। इस धान की खेती सिंचित एरिया की जमीन पर की जाती है। करनाल, सिरसा, कुरूक्षेत्र, युमनानगर, अंबाला, पानीपत, फतेहाबाद, सोनीपत जिले मुख्य धान उत्पादक जिले हैं। यह जिले उत्तम श्रेणी का चावल पैदा करने के लिए प्रसिद्ध है। 

न गिरने वाली किस्म 
Paddy HKR48​ किस्म की खास बात है कि यह छोटे क द की है। इसका तना मजबूत होता है। इसलिए यह न गिरने वाली फसल है। बालियों में दानों की संख्या अधिक होती है। इसकी ऊंचाई 118 सेंटीमीटर है। धान की यह किस्म अधिक उपज देने वाली Paddy HKR48​ इंडिका जाति की किस्म है। इसके चावल लंबे व पतले होते हैं। 


118  दिन में होती है तैयार 
Paddy HKR48​ के बारे में यह भी बता दें कि यह 118 दिन में तैयार होती है। इस किस्म की औसत पैदावार इस किस्म की 24 क्विंटल प्रति एकड़ रहती है। इससे भी अधिक पैदावार भी किसान ले सकते हैं। इसके लिए समय पर किसानों को ध्यान देना होगा।