एल.टी.सी. सुविधा बंद होने पर पेंशनरों में भारी रोष: गुरदीप सैनी
mahendra india news, new delhi
हरियाणा सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए (एलटीसी) से जुड़ा एक विवेकहीन निर्णय लिया है। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार एलटीसी के बदले एक महीने की सैलरी या पेंशन लेने की सुविधा को 1 जनवरी 2028 से बंद कर दिया है। इसके बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स को एलटीसी का लाभ केवल यात्रा के रूप में ही मिलेगा। यह आदेश हरियाणा सरकार के मानव संसाधन विभाग द्वारा 13 मार्च 2026 को जारी किया गया है।
राज्य उपप्रधान गुरदीप सैनी व जिला अध्यक्ष राजेंद्र मोहन गुप्ता ने बताया कि सरकार के पूर्व आदेश में पहले कई श्रेणियों के कर्मचारियों और अधिकारियों को होम टाउन या भारत में किसी भी स्थान की यात्रा करने के बजाय एक महीने की सैलरी लेने का विकल्प दिया गया था, लेकिन अब इस सुविधा को वापस लेने का निर्णय लिया गया है, जो कि कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात है। हरियाणा स्टेट पेंशनर समाज सरकार के इस बेतुके निर्णय की कडें शब्दो मे निंदा करता है।
यहां ये भी विचारणीय है कि पूरे देश में और सभी प्रदेशों में एमएलए और एमपी को सभी प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं, जबकि एक कर्मचारी आपने जिंदगी के 35 से 40 साल सरकार की सेवा करता है, जबकि जनप्रतिनिधि केवल 5 साल के लिए आते हैं और उनको सारी सुविधाएं मिलती हैं, ये कहां का इंसाफ है? ये तो वही कहावत सिद्ध हो गई कि अंधा बाटे शिरनी ,अपने अपने को दे। वैसे भी रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी वृद्ध होने के कारण यात्रा यात्रा करने में असमर्थ हो जाता है।
सरकार के अनुसार 1 जनवरी 2028 से पुरानी एलटीसी योजना लागू होगी, जिसके तहत कर्मचारियों को यात्रा करनी होगी और उसी आधार पर एलटीसी, का लाभ मिलेगा। सरकार के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 2026-2029 के एलटीसी ब्लॉक के दौरान कर्मचारी 31 दिसंबर 2027 तक एक महीने की सैलरी लेने का लाभ ले सकते हैं। इसके बाद यह विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा। इसका मतलब है कि यदि कोई कर्मचारी व पेंशनर एलटीसी के बदले सैलरी लेना चाहता है तो उसे 31 दिसंबर 2027 से पहले इसका लाभ लेना होगा। हरियाणा स्टेट पेंशनर समाज का प्रदेश सरकार से आग्रह है की इस निर्णय पर पुनर्विचार करके इस फैसले को निरस्त करके अपने बुजुर्ग पेंशनर्स का सम्मान बहाल करे।
