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Planet e Visa Solutions. दुल्ला भट्टी और सुंदरी-मुंदरी की कथा से जुड़ा है लोहड़ी का त्यौहार: विजय चुघ

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Planet e Visa Solutions. दुल्ला भट्टी और सुंदरी-मुंदरी की कथा से जुड़ा है लोहड़ी का त्यौहार: विजय चुघ

mahendra india news, new delhi
 प्लेनेट ई वीजा सॉल्यूशंस ने लोहड़ी व मकर संक्रांति का पावन त्यौहार धूमधाम से सिरसा के सीनियर्स और सिरसा जेन-जेड के साथ मनाया। प्लेनेट ई वीजा सॉल्यूशंस के डायरेक्टर अमित तनेजा ने बताया कि कार्यक्रम में रिटायर्ड प्रिंसीपल विजय चुघ व न्यू सतलुज स्कूल की प्रिंसीपल शशि सचदेवा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

Planet e Visa Solutions. दुल्ला भट्टी और सुंदरी-मुंदरी की कथा से जुड़ा है लोहड़ी का त्यौहार: विजय चुघ

इस मौके पर हुडा गुरुद्वारे के कथावाचक स. बलदेव सिंह ने अपनी मधुर वाणी से गुरबाणी का पाठ किया। इसके बाद अनेक प्रकार के गेम्ज व डांस कंपीटिशन करवाया गया, जिसमें सभी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जीवन को कैसे जिएं विषय पर व्याख्यान भी हुआ, जिसमें महानुभावों ने अपने अनुभव सांझा करते हुए जीवन को जीने के तरीके बताए गए। रिटायर्ड प्रिंसीपल विजय चुघ ने कहा कि लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है, यह मुख्य रूप से सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का पर्व है।

यह पर्व कृषि से भी जुड़ा है, लेकिन पौराणिक कथाओं में इसका संबंध लोहिता राक्षसी और श्रीकृष्ण की कथा से है। जबकि पंजाब में लोहड़ी का पर्व दुल्ला भट्टी और सुंदरी मुंदरी की कथा से जुड़ा है। प्रिंसीपल शशि सचदेवा ने कहा कि लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व एक दूसरे से जुड़ा हुआ पर्व है। इन दोनों ही पर्व का संबंध कृषि से भी है।

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दरअसल इस समय रबी की फसल की बुआई हो चुकी होती है और खरीफ  की फसल घर में आ चुकी होती है। और किसान सूर्यदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं कि वह उनकी कृषि को उन्नत बनाएं, इसलिए मकर संक्रांति और लोहड़ी पर सूर्य के उत्तरायण होने पर और शीत ऋतु की विदाई के लिए सूर्यदेव की पूजा करते हैं और नए फसलों से पकवान बनाकर तिल, गुड़ की सामग्री बनाकर सूर्यदेव को अर्पित करते हैं। जिससे आरोग्य और सुख समृद्धि की वृद्धि बनी रहे। कार्यक्रम के पश्चात सभी को मूंगफली व रेवड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।