सिरसा में नियमों पर खरा न उतरने वाले प्ले स्कूल होंगे बंद, महिला एवं बाल विकास योजनाओं की भी हुई समीक्षा
Play schools in Sirsa that do not comply with regulations will be closed; women and child development schemes also reviewed
Mahendra india news, new delhi
SIRSA अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि चाइल्ड लेबर रोकने के साथ साथ उनकी शिक्षा को लेकर भी कदम उठाए जाने चाहिए, जब टीम छापामारी करने जाती है तो उसमें शिक्षा विभाग का प्रतिनिधि शामिल रहता है तो उनकी शिक्षा के लिए भी मौके पर ही डाटा तैयार कर लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डा. दर्शना सिंह, उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय सचदेवा, भाई कन्हैया आश्रम से पद्मश्री गुरविंद्र सिंह, सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन डा. मदनलाल, सदस्य भावना शर्मा, निधि मेहता, अनिल कुमार, रजनीश खन्ना, स्वास्थ्य विभाग से डा. संजय कुमार, डब्ल्यूसीडीपीओ सुदेश कुमारी, सुनीता रानी, शिक्षा विभाग से अमित मनहर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जो प्ले स्कूल मापदंड पूरे नहीं कर रहे उन्हें नोटिस जारी कर बंद करने की कार्रवाई अमल में लाई जाए और वहां पढने वाले छोटे बच्चों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाए। बाल विकास विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में 11 प्ले स्कूल को नॉर्म पूरे करने पर सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है, 30 स्कूल नॉर्म पूरे नहीं कर रहे है, उन्हें नोटिस जारी किया गया है और 17 प्ले स्कूल बंद हो गए हैं। नॉर्म पूरे न होने के चलते दो स्कूलों को बंद करने की कार्यवाही की जा रही है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इस मामले में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित 17 क्रेच में भी सभी सुविधाएं हों और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। चाइल्ड लेबर से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिन दुकानों 16 से 18 वर्ष आयु के बच्चे काम करते हैं, वहां पर दुकानदार के पास दिए जाने वाले वेतन व बच्चे का आयु प्रमाण पत्र का साक्ष्य मौके पर होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के लिए जमीन चिन्हित करने बारे कहा कि यह कार्य राजस्व विभाग की ओर से सप्ताह में कर रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 54685 लाभार्थियों को पंजीकृत किया जा चुका है। इस दौरान बाल विवाह रोकथाम बारे शपथ भी दिलाई गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच का सहयोग लेकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों व महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
बैठक में बाल गोपाल धाम स्पॉसर स्कीम, लिंगानुपात, कार्यालयों में कमेटियों के गठन, ड्रॉप आउट, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि योजनाओं की भी समीक्षा की गई और संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर कार्यस्थल पर महिला विरुद्ध अपराध की जागरूकता संबंधी पोस्टर तथा वात्सल्य योजना का भी पोस्टर जारी किया गया।
