नाथूसरी चौपटा के 14800 किसानों की पीएम सम्मान निधि पर संकट, फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो नहीं आएगी पीएम सम्मान निधि की किश्त
mahendra india news, new delhi
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए किसान आईडी बनवाना बहुत ही अहम हो गई है। नाथूसरी चौपटा खंड के किसान आईडी यानी फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाने वाले किसानों पर पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ गंवाने का खतरा मंडरा रहा है। अगर आईडी नहीं बनवाई तो अक्टूबर माह में पीएम सम्मान निधि स्कीम की किश्त नहीं आएगी। नाथूसरी चौपटा में े27800 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें से अभी तक 13000 हजार के लगभग किसान आईडी बनी है। जबकि अभी तक 14800 किसानों की किसान आईडी नहीं बनी है।
कृषि विकास अधिकारी डा. शैलेंद्र सहारण ने बताया कि किसान आईडी बनवाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। अगर जल्द ही किसान आईडी नहीं बनवाते हैं, ऐसे में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ से वांछित कर दिए जायेंगे और कृषि विभाग की अन्य स्कीमों का भी लाभ रोक दिया जायेगा।किसान अपनी किसान आईडी अपने गांव में कृषि सुपरवाईजर से या अपने नजदीकी खंड कृषि कार्यालय नाथूसरी चौपटा से भी बनवा सकता है। जिस किसान ने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई उनकी अक्टूबर महीने की किसान सम्मान निधि रोक दी जायेगी और जिन किसानों को अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा। वह किसान अपनी किसान आईडी बनवा ले आईडी बनने के बाद ही किसान लाभ उठा सकता है अन्यथा स्कीमों के लाभ से किसान वांछित रह जाएगे।
कृषि विभाग ने जारी किए निर्देश
कृषि विभाग ने किसान आईडी बनाने को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार पीएम किसान सम्मान निधि के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक होगी।
क्यों की जा रही फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों का डिजिटल रिकार्ड तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। इससे पात्र किसानों को योजनाओं से स्वत: जोडऩे, फसल खरीद, बीमा, केसीसी ऋण और कृषि सलाह जैसी सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी। राजस्व रिकार्ड में दर्ज कृषि जोत धारक किसान, महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र के कृषि जोत धारकों की भी फार्मर आईडी बनाई जा सकती है। फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए महज एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य में मिलने वाली अधिकांश कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का आधार बनने जा रही हैा
