शांतिपूर्ण छात्र-युवा आंदोलन पर पुलिस दमन निंदनीय: पृथ्वी सिंह
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सिरसा सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, जिला सिरसा ने नई दिल्ली में प्रश्नपत्र लीक, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था तथा एनटीए की जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने तथा बलपूर्वक आंदोलन समाप्त कराने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
एचआरडब्ल्यूयू रजि. नं. 1 से संबंधित प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर, डिपो सचिव सतपाल सिंह रानियां, मुख्य सलाहकार रोहताश बाजेकां, कोषाध्यक्ष कीमत सिंह ढांडा, कार्यकारी वरिष्ठ उप प्रधान बलजीत सिंह ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि जितनी ताकत आंदोलन दबाने पर लगाई गई, उसके दसवें हिस्से की भी यदि पेपर लीक रोकने पर लगाई जाती तो समस्या भी समाप्त हो जाती और दोषी भी पकड़े जाते।
चोर नहीं पकड़े गए, इसका सीधा अर्थ है कि उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। चाहर ने कहा कि सरकार युवाओं के सवालों का जवाब देने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। पेपर लीक और बेरोजगारी ने करोड़ों युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। संघ ने आरोप लगाया कि युद्ध की स्थिति में भी रेड क्रॉस पर हमला नहीं होता, लेकिन दिल्ली पुलिस ने घायलों का उपचार कर रहे डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया। महिलाओं से अभद्र व्यवहार, नाबालिगों की पिटाई और थानों में प्रताड़ना की भी खबरें हैं। बिना वर्दी वाले लोग भी प्रदर्शनकारियों को पीटते दिखे। चाहर ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजगार पर हमले पूरे समाज के भविष्य का सवाल हैं। इसलिए कर्मचारी, किसान, छात्र, युवा और आम जनता का साझा संघर्ष जरूरी है।
उन्होंने आंदोलन का आह्वान करते हुए प्रदेशवासियों से अपील की कि 30 जुलाई, 4 अगस्त, 7 अगस्त और 11 अगस्त को जिला स्तरीय रैलियों में भारी संख्या में भाग लें। प्रमुख मांगों में 6 लाख नए सरकारी पद, 2 लाख रिक्त पदों पर भर्ती, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ओपीएस व मेडिकल रिइम्बर्समेंट बहाली, 8वें वेतन आयोग का गठन शामिल हैं।
संघ की प्रमुख मांगें:
छात्र-युवाओं पर बल प्रयोग की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, गिरफ्तार सभी छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए , पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो, भर्तियों में पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्ध रोजगार की सुविधा हो।
