बिजली मंत्री अनिल विज का सख्त निर्देश, शहरों में 2 और गांवों में 4 घंटे से अधिक बिजली कटने पर एसई होंगे निलंबित
हरियाणा प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज ने बिजली व्यवस्था को लेकर कड़ा फैसला लिया है। हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने सख्त आदेश जारी किया है। अनिल विज गत छह महीने के दौरान बिजली आपूर्ति में आए व्यवधान की समीक्षा की। इस दौरान बिजली मंत्री ने चंडीगढ़ में अधिकारियों को बिजली आपूर्ति की समय सीमा में बांध दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में 2 घंटे तथा ग्रामीण एरिया में 4 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की स्थिति में संबंधित बिजली अधिकारियों विशेष रूप से अधीक्षण अभियंता (एसई) जिम्मेदार होंगे, जिनके विरुद्ध निलंबन तक की कार्रवाई संभव होगी।
इसी के साथ ही लैंड रिकवरी एक्ट के तहत डिफॉल्टर बिजली उपभोक्ताओं से वसूली में ढिलाई बरतने पर बिजली मंत्री विज ने कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और यमुनानगर के बिजली अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक लेते हुए अनिल विज ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है, इसलिए हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति प्रदान करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है।
इसी के साथ ही बिजली मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम तथा पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले सर्कल को अवॉर्ड दिया जाएगा। बैठक में ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ तथा उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक बिक्रम सिंह की मौजूदगी में अनिल विज ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव का पद लंबे वक्त से रिक्त रहने के बावजूद विभागीय कार्यों में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है, इसके लिए अधिकारी सराहना के पात्र हैं। बिजली मंत्री ने ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन पर बल देते हुए निर्देश दिया कि मरम्मत कार्यों के दौरान मेंटीनेंस स्टाफ के पास आवश्यक उपकरण, सुरक्षा साधन एवं ट्रांसफार्मर ट्राली उपलब्ध होनी चाहिए।
