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हरियाणा प्रदेश में रोडवेज की तरह प्राइवेट बसों को देनी होगी रोडवेज जैसी रियायती और फ्री यात्रा सुविधा, सख्त निर्देश जारी

 
Private buses in Haryana will have to provide concessional and free travel facilities like roadways; strict instructions issued
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mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश के अंदर अब प्राइवेट बसों संचालकों की मनमर्जी नहीं चलेगी। प्रदेश में अब निजी बस संचालकों को रोडवेज की तरह सुविधा देनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों पर कभी भी गाज गिर सकती है। स्टेज कैरिज स्कीम के तहत प्रदेश में करीबन 1750 निजी बसें संचालित हैं। शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।आदेशों में साफ किया गया है कि इस सेवा के बदले निजी बस संचालकों को कोई भी सब्सिडी नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह उनके परमिट की अनिवार्य शर्तों का हिस्सा है।

प्रदेश में स्टेज कैरिज स्कीम के तहत संचालित राजकीय परिवहन समितियों और प्राइवेट बसों में रोडवेज बसों की तरह छात्रों और बुजुर्गों सहित अन्य पात्र श्रेणियों को रियायती और फ्री यात्रा की सुविधा देने का नियम है।

इसके बाद भ्भी निजी बस संचालकों द्वारा इनसे पूरा किराया लिया जा रहा है, जिसको लेकर बसों में प्रतिदिन कहीं न कहीं आपसी विवाद होता रहते हैं। ऐसे में लगातार बढ़ती शिकायतों पर कार्रवाई लेते हुए परिवहन आयुक्त ने ट्रांसपोर्टर्स को नियमों की याद दिलाते हुए इनका पालन करने का आर्देश जारी कर दिया है। इसी के साथ ही जिला परिवहन अधिकारियों को नियम नहीं मान रहे ट्रांसपोर्टर्स से सख्ती से निपजने के आदेश भी दिए गये है।

आपको बता दें कि दिए गये आदेशों के मुताबिक स्टेज कैरिज स्कीम के तहत संचालित बसों में सभी श्रेणियों के रियायती और फ्री यात्रा की सुविधा वाले लोगों को निर्धारित नियम के मुताबिक यात्रा करानी होगी।

करें शिकायत
जारी आदेशों के अनुसार अगर कोई प्राइवेट बस संचालक पास होने के बावजूद यात्री को बस में बैठने से रोकता है, तो इसकी शिकायत संबंधित क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालय या सीधे परिवहन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं। 

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वर्ष 2017 के पुराने निर्देशों का हवाला देते हुए याद दिलाया गया है कि परमिट धारक इन नियमों को मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं। इसके उलट प्राइवेट बस चालक छात्रों और बुजुर्गों को पास होने के बाद भी बस में नहीं बैठाते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। अब किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और बस संचालक के खिलाफ गंभीर कार्रवाई होगी।