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हरियाणा में बिजली बिल नहीं भरने पर संपत्ति होगी कुर्क; तहसीलदार कार्यालय पहुंचाए नोटिस

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Property to be attached in Haryana for non-payment of electricity bills; notices sent to Tehsildar offices

mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश के पानीपत जिला में बिजली निगम ने बकाया बिलों की वसूली को लेकर बड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजली निगम ने जिला पानीपत के 165 डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संपत्तियां कुर्क कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिसको लेकर उनके मामले तहसीलदार कार्यालय को भेज दिए हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीबन 3.61 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे लंबे वक्त से जमा नहीं कराया गया है।

UHBVN (उत्तर हरियाणा बिजली निगम) के पानीपत सर्कल एसई धर्म सुहाग ने इस बारे में बताया कि इन बिजली उपभोक्ताओं को कई बार नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद बिजली बिल नहीं भरा है। 

कुर्की की प्रक्रिया शुरू
बिजली निगम द्वारा अब इन बिजली डिफाल्टरों की संपत्तियों जैसे मकान, दुकान और प्लॉट की कुर्की की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। तहसीलदार कार्यालय को भेजे गए केसों में राजस्व विभाग की मदद से संपत्तियों की पहचान और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद कुर्की के माध्यम से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बिजली निगम को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई की जा सके।

डिफाल्टर उपभोक्ताओं ने नहीं भरे 140 करोड़ के बिल
बिजली निगम ने बड़े बकायेदार उपभोक्ताओं के खिलाफ वसूली अभियान तेज किया। जिसमें 6,947 ऐसे उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इन पर कुल 140.71 करोड़ रुपये की देनदारी पाई गई।

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इनमें से एसडीओ स्तर पर 6,102 उपभोक्ताओं को प्रथम नोटिस जारी कर 127.81 करोड़ रुपये की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिसमें भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 (एलआरए) एक्ट के तहत नोटिस तैयार किए गए।

अब तक सख्त कार्रवाई करते हुए अधिकांश उपभोक्ताओं को दूसरे और तीसरे चरण के नोटिस भी दिए गए हैं, ताकि बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।

एक्सइएन स्तर पर कार्रवाई
इसके साथ ही एक्सईएन स्तर पर 974 मामलों में 21.64 करोड़ रुपये के बकाया को लेकर कार्रवाई की गई है। इससे आगे लगातार भुगतान न करने वाले 165 मामलों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तहसीलदार कार्यालय भेजा गया है, जिन पर 3.61 करोड़ रुपये की वसूली प्रस्तावित है। इनके अलावा अब तक 96 मामलों में 2.10 करोड़ रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।

बकायेदारों को अंतिम चेतावनी, जल्द भुगतान जरूरी
यह कार्रवाई अंतिम चेतावनी के रूप में की जा रही है। यदि बकायेदार जल्द ही अपनी बकाया राशि जमा नहीं करते हैं तो उनकी संपत्तियों को नियमों के अनुसार कुर्क कर नीलामी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

साथ ही उपभोक्ताओं से अपील भी की जा रही है कि सभी समय पर बिलों का भुगतान करें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। - धर्म सुहाग, एसई, बिजली निगम पानीपत।