36 घंटे के भीतर 13 प्रदेशों में बरसात, ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी, इस गति से चलेगी हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौसम में आज गुरुवार यानि 16 अप्रैल को भी बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक वीरवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 17 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड और पंजाब में बारिश-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। घर से बाहर निकलते और यात्रा करते समय सावधानी जरूर बरतें।
हरियाणा प्रदेश में ऐसा रहेगा मौसम
हरियाणा प्रदेश मेंं मौसम के अंदर एक बार फिर से बदलाव होने वाला है। मौसम को लेकर हिसार स्थित कृषि मौसम विज्ञान विभाग चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने मंगलवार को मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम वेज्ञानिकों के अनुसार हरियाणा राज्य में 20 अप्रैल तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान 16 अप्रैल को मौसम साफ व खुश्क रहने परंतु 17 व 18 अप्रैल को एक कमजोर पश्चिमीविक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनने से 17 अप्रैल व 18 अप्रैल के दौरान राज्य में बीच बीच में आंशिक बादलवाई तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने तथा कुछ एक स्थानों पर गरजचमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना बन रही है। परंतु इस दौरान बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से 19 व 20 अप्रैल को मौसम साफ व खुश्क रहने तथा दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने व रात्रि तापमान में गिरावट होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने दिया बड़ा अपडेट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और उससे सटे राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों में 0.9 किमी ऊंचाई तक सक्रिय है।
एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक फैली हुई है, जो उत्तर-पूर्व बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों और बांग्लादेश से होकर गुजर रही है (0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर)। वहीं, एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ बांग्लादेश से दक्षिण तमिलनाडु तक फैली है, जो गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक से होकर गुजर रही है (0.9 किमी ऊंचाई पर)।
कर्नाटक और उससे सटे महाराष्ट्र के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी ऊंचाई के बीच एक प्रति-चक्रवाती परिसंचरण (एंटी-साइक्लोन) बना हुआ है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।
मौसम की ताजा रिपोर्ट
मौसम ऐसा रहेगा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान, पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। केरल में कहीं-कहीं हल्की बरसात संभव है। 16 से 19 अप्रैल के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी संभव है। 16 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम पंजाब में कहीं-कहीं हल्की बरसात और गरज के साथ बौछारें हो सकती हैं।
तेलंगाना, रायलसीमा, मराठवाड़ा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू (हीट वेव) चलने की संभावना है। बिहार और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में अगले 4 से 5 दिनों तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
