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अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानना और जागृत करना आवश्यक है: साध्वी पूषा भारती

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Recognizing and awakening one's inner strength is essential: Sadhvi Pusha Bharati


सिरसा। महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा आंतरिक शक्ति के जागरण के उद्देश्य से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) की ओर से संतुलन प्रकल्प के अंतर्गत गांव साहुवाला में 'तू है शक्ति' कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनकी शक्ति, क्षमता एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को प्रेरित करते हुए साध्वी पूषा भारती ने बताया कि बाहरी परिस्थितियों एवं चुनौतियों का डटकर सामना करने के लिए सबसे पहले अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानना और उसे जागृत करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक महिला के भीतर अपार शक्ति विद्यमान है। जब वह अपनी इस शक्ति को पहचान लेती है, तो वह न केवल अपने जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकती है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान तथा उनके कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें अपने व्यक्तित्व के विकास और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया। इसे प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम का समापन महिलाओं के उज्ज्वल, सशक्त एवं सम्मानपूर्ण भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।