निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य, स्कूल संचालक सरल पोर्टल पर करें आवेदन : डॉ. दर्शना सिंह
mahendra india news, new delhi
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।
यह सुविधाएं करें सुनिश्चित
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा
अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।
नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशानिर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।
यह सुविधाएं करें सुनिश्चित
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।
नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।
