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खरीफ 2026 के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर वंचित किसानों के लिए पंजीकरण पुन: शुरू

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Registration reopened on the 'Meri Fasal-Mera Byora' portal for farmers who missed out on registering for the Kharif 2026 season

mahendra india news, चंडीगढ़।

हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के अथक प्रयासों और चंडीगढ़ बैठक में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद, राज्य सरकार ने खरीफ 2026 के लिए 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर वंचित किसानों के लिए पंजीकरण दोबारा खोलने का फैसला किया है। जिन किसानों का पंजीकरण 31 जुलाई 2026 की समय सीमा तक नहीं हो पाया था, वे अब 21 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के सदस्य एवं बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि मोर्चे द्वारा फसल पंजीकरण खोलने, धान की सरकारी खरीद शुरू कराने, डीएपी खाद की उपलब्धता और अन्य मांगों को लेकर 2 सितंबर को राज्यभर में मांग पत्र दिए गए थे। इसके पश्चात 10 सितंबर को पिहोवा मंडी में विशाल किसान पंचायत की गई थी। इसके परिणामस्वरूप 11 सितंबर को हरियाणा भवन, चंडीगढ़ में सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सरकार ने जल्द पोर्टल खोलने का आश्वासन दिया था।


किसान पंजीकरण के लिए क्या करें?
वंचित किसान संबंधित (सिविल) / एसडीएम कार्यालय में लिखित आवेदन जमा करें। आवेदन में अपनी भूमि का पूरा ब्यौरा, खेवट नंबर, खसरा नंबर और बोई गई फसल का क्षेत्रफल स्पष्ट रूप से लिखें। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार) द्वारा अधिकतम 3 दिनों के भीतर जमीन व फसल के दावे की भौतिक/राजस्व जांच की जाएगी। सत्यापन सही पाए जाने पर किसान का डेटा पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे किसान सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (टरढ) पर फसल बेचने में सक्षम होंगे।

 

महत्वपूर्ण नियम एवं शर्तें:
उन्होंने बताया कि जिस भूमि/फसल का पंजीकरण खरीफ 2026 के लिए पहले ही हो चुका है, उसका दोबारा पंजीकरण नहीं होगा। यदि भूमि पर किसी अन्य किसान ने पहले से दावा किया है, तो किसान को पोर्टल पर किसान लॉगिन के माध्यम से शिकायत दर्ज करानी होगी। फसल अवशेष प्रबंधन के तहत ब्लॉक किए गए किसान/भूमि इस प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकारी और पंचायती जमीन का पंजीकरण एमएफएमबी के नियमानुसार ही मान्य होगा।

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