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भारतीय भाषा परिवार सम्मेलन’ में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधीन गठित भारतीय भाषा समिति द्वारा संपादित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन

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Release of two important books edited by the Indian Language Committee constituted under the Ministry of Education, Government of India at the 'Indian Language Family Conference

mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में मानविकी संकाय द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘भारतीय भाषा परिवार सम्मेलन’ में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन गठित भारतीय भाषा समिति द्वारा संपादित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया गया। ये दोनों पुस्तकें कॉलेक्टेड स्टडीज ऑन भारतीय भाषा परिवार: पर्सपेक्टिव्स एंड हॉरिज़ोन्स व भारतीय भाषा परिवार: ए न्यू फ्रेमवर्क इन लिंग्विस्टिक्स, नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा वर्ष 2025 में प्रकाशित की गई हैं।


इस विमोचन समारोह में कुलगुरु प्रो. विजय कुमार, इतिहास संकलन समिति के प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष एवं जाने माने शिक्षाविद राम सिंह यादव, कुलसचिव डॉ सुनील कुमार, प्रो. उमेद सिंह व प्रो. अनु शुक्ल ने पुस्तकों का विमोचन किया। सीडीएलयू परिसर में आयोजित इस समारोह में विद्वानों, शोधार्थियों और भाषा-विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।


प्रो. अनु शुक्ला ने इन पुस्तकों का संक्षिप्त विवरण देते हुए बताया कि पहली पुस्तक कॉलेक्टेड स्टडीज ऑन भारतीय भाषा परिवार: पर्सपेक्टिव्स एंड हॉरिज़ोन्स भारतीय भाषाओं को परस्पर जुड़े परिवार के रूप में देखने की अवधारणा को सुदृढ़ करता है। यह पुस्तक भाषाविज्ञान, मानवशास्त्र, संज्ञानात्मक विज्ञान, शिक्षा पद्धति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे बहुविषयक अनुसंधानों पर आधारित है और मातृभाषा-आधारित शिक्षा तथा भाषाई एकात्मता की वकालत करती है।

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दूसरी पुस्तक भारतीय भाषा परिवार: ए न्यू फ्रेमवर्क इन लिंग्विस्टिक्स औपनिवेशिक व पाश्चात्य भाषा-ढांचों की आलोचना करते हुए भारतीय भाषाओं को साझा सभ्यतागत निरंतरता में विकसित हुए जीवंत भाषाई तंत्र के रूप में देखने का प्रस्ताव रखती है। पुस्तक भारतीय भाषाओं के बीच मौजूद संरचनात्मक और सांस्कृतिक समानताओं को नई दृष्टि से रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों का प्रकाशन भारतीय भाषाओं के अध्ययन और शोध के क्षेत्र में एक नवोन्मेषी मील का पत्थर है, जो भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक निरंतरता को नए आयाम देगा।
प्रो. अनु ने बताया कि भारतीय भाषा समिति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारतीय भाषाओं को स्कूल और उच्च शिक्षा में शिक्षण-माध्यम के रूप में प्रोत्साहित कर रही है। समिति तकनीक-आधारित भाषा सीखने के उपकरण, भारतीय भाषाओं के लिए एक समान तकनीकी शब्दावली, और एकीकृत भाषाई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर कार्य कर रही है।