जेसीडी विद्यापीठ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस, मुख्य अतिथि सुनैना चौटाला ने किया ध्वजारोहण
जेसीडी विद्यापीठ, सिरसा में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास, देशभक्ति और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इनेलो की राज्य महिला प्रभारी सुनैना चौटाला ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात सभी ने तिरंगे को सम्मान देते हुए राष्ट्रगान गाया तथा देश की एकता, अखंडता एवं प्रगति की शपथ ली।
इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश के साथ कुलसचिव डॉ. सुधांशु गुप्ता, सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस दौरान एनसीसी, सुरक्षा विभाग, एनएसएस यूनिट एवं वाईआरसी ने अनुशासित एवं प्रभावशाली मार्च-पास्ट की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने जेसीडी विद्यापीठ के 2026 के वार्षिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया।
इस कार्यक्रम के संयोजक प्रो. रणजीत सिंह, प्राचार्य, जेसीडी मेमोरियल कॉलेज रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुनैना चौटाला ने सभी को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे विस्तृत लिखित संविधान है, जो प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा का अधिकार प्रदान करता है।
उन्होंने संविधान समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर के अतुलनीय योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा की गणतंत्र दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनके बलिदान के कारण ही हम आज एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और समृद्ध भारत में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
साथ ही उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने सभी को आपसी भाईचारे, सद्भाव और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया, ताकि राष्ट्र निरंतर प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर बना रहे।
इस मौके पर महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें न केवल अधिकारों का स्मरण कराता है, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय एवं सकारात्मक योगदान दें, तथा नवाचार और सेवा के माध्यम से भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि आज के समय में अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
इस अवसर पर एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में जेसीडी विद्यापीठ एवं सिरसा स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में देशभक्ति गीत, समूह नृत्य एवं अन्य मनमोहक कार्यक्रम शामिल रहे, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना भर दी। विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और तालियों की गूंज से वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।
समारोह के अंत में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों के बीच मिठाइयों के वितरण के साथ हुआ, जिसने उत्सव की मिठास को और बढ़ा दिया।
