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केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब, बठिंडा की शोधार्थी को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, डा. अंबेडकर चेयर की शोधार्थी डा. रेखा रानी को सरस्वती शोधार्थी गौरव सम्मान-2025 से किया सम्मानित

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Research scholar of Central University of Punjab, Bathinda receives international honour, Dr. Ambedkar Chair researcher Dr. Rekha Rani honoured with Saraswati Researcher Gaurav Samman-2025

mahendra india news, new delhi
सिरसा। साहित्य, समाज और मानवाधिकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डा. अम्बेडकर चेयर, पंजाब की शोधार्थी व सिरसा निवासी डा. रेखा रानी को सरस्वती साहित्य संस्थान (रजि.) हरियाणा द्वारा प्रतिष्ठित सरस्वती शोधार्थी गौरव सम्मान-2025 प्रदान किया गया। यह सम्मान 23 नवम्बर 2025 को भिवानी (हरियाणा) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।

समारोह में शिक्षाविदों, साहित्यकारों, समाजसेवियों और विभिन्न राज्यों के शोधकर्ताओं ने भाग लिया। संस्थान द्वारा रेखा रानी के शोध-कार्य, सामाजिक संवेदना और शैक्षणिक उत्कृष्टता को विशेष रूप से सराहा गया। पुरस्कृत हुई डा. रेखा रानी वर्तमान में डा. अम्बेडकर चेयर मानवाधिकार एवं पर्यावरणीय मूल्य, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ  पंजाब में शोधरत हैं। उनका शोध दलित एवं वंचित महिलाओं के सामाजिक-कानूनी अधिकारों और मानव गरिमा पर केंद्रित है। वे डा. अम्बेडकर द्वारा दिखाई गए शिक्षा के मार्ग पर सक्रिय रूप से लेखन कार्य कर रही है।

बहु-विषयी योग्यता रखने वाली डा. रेखा रानी अंग्रेजी विषय में यूजीसी नेट जेआरएफ, पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में भी यूजीसी नेट जेआरएफ व प्रो. सेवा सिंह बाजवा के दिशा निर्देशन में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। शोध क्षेत्र में वे 10 से अधिक शोध-पत्र, 05 संपादित पुस्तक-चैप्टर प्रकाशित कर चुकी हैं तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में 20 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत कर चुकी हैं। दलित साहित्य, नारी विमर्श, सामाजिक न्याय और मीडिया अध्ययन उनके प्रमुख शोध क्षेत्र हैं। समाजसेवा एवं दलित महिला नेतृत्व और ग्रामीण शिक्षा-सुधार पर जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से उनकी भूमिका रहती है। शिक्षा और समाजसेवा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। वे स्टेप शिक्षण संस्था की संस्थापक भी  हैं। यह संस्था जरूरतमंद व गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य करती है। इस सामाजिक योगदान के लिए संस्था को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा द्वारा प्रशंसा प्रमाण-पत्र भी दिया गया है।

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डा. रेखा रानी एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र द्वारा एडवेंचर कैंप एवं सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग के प्रमाण-पत्र प्राप्त कर चुकी हैं। वे चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों/बॉडी में छात्र प्रतिनिधि रह चुकी हैं। साहित्य और समाज सेवा वो शिक्षा में योगदान के लिए उन्हें इससे पहले महिला दिवस पर वूमेन डेडीकेशन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। अनुसूचित जाति समुदाय की बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष रूप से वे कार्य कर रही है। हाल ही में वे समाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्रयोजित डा. अंबेडकर चेयर आंध्र विश्वविद्यालय, विशाखापट्टनम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में अपना शोध पत्र पढऩे के लिए ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी। सरस्वती साहित्य संस्थान (रजि.) हरियाणा द्वारा यह सम्मान हर वर्ष उन शोधकर्ताओं/शिक्षकों को दिया जाता है, जो साहित्य, मानवाधिकार, समाज-सुधार, शिक्षा, संवैधानिक मूल्यों जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देते हैं।

संस्थान के अध्यक्ष डा. कैलाश चंद्र शर्मा शंकी, उप सचिव जयबीर लांगयानए और आयोजन समिति प्रमुख डा. नरेश सिवाच ने डा. रेखा रानी के शोध कार्य की प्रशंसा की और कहा कि यह सम्मान उनके समर्पण, संवेदना और अकादमिक प्रामाणिकता का प्रमाण है। सम्मान प्राप्त करने पर रेखा रानी ने कहा कि यह सम्मान मेरे शोध-कार्य और सामाजिक सरोकारों को नई ऊर्जा देता है। मैं डा. अम्बेडकर के सामाजिक-कानूनी दृष्टिकोण को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए और अधिक प्रतिबद्ध हूं। मेरा लक्ष्य है कि समाज के सबसे वंचित वर्गों की आवाज अकादमिक और नीति-निर्माण दोनों स्तरों पर सशक्त हो। मैं समाज व सरस्वती साहित्य संस्थान की तह दिल से आभारी हूं कि मुझे यह सम्मान प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। इसके साथ-साथ मैं डा. अम्बेडकर चेयर के शिक्षकों की भी आभारी हूं, जो समय समय पर मुझे समाज से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।