मिठी सुरेरां की रिंकू रानी बनी सहायक प्रोफेसर
mahendra india news, new delhi
हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्रोफेसर हिंदी के पदों हेतु जारी अंतिम परीक्षा परिणाम में ऐलनाबाद खंड के अंतर्गत आने वाले गांव मिठी सुरेरां निवासी रिंकू रानी का सहायक प्रोफेसर (हिंदी) पद पर चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर है तथा परिवार और गांव में बधाइयों का तांता लगा हुआ है। ग्रामीण आंचल में पली-बढ़ी रिंकू रानी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता रामेश्वरी देवी, पिता इमी लाल एवं ससुर साधु राम बरोड़, सास सावित्री देवी को दिया है।
उन्होंने बताया कि विवाह के समय वे स्नातक की पढ़ाई कर रही थीं। इसके बाद विशेष रूप से मिठी सुरेरां निवासी भूगोलवेत्ता एवं पर्यावरण प्रेमी उनके पति सुभाष बरोड़ के कुशल मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उनमें शिक्षा के प्रति रुचि जागृत हुई। उन्होंने विशेष रूप से अपने सास-ससुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बहू को बेटी समान मानते हुए हर कदम पर पूरा सहयोग और हौंसला दिया, जिससे वे अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ सकीं। इसी प्रेरणा के फलस्वरूप उन्होंने बी.एड., एम.ए. हिंदी उत्तीर्ण करने के साथ-साथ एचटेट, पीटीईटी, नेट तथा सीटीईटी जैसी अह्म परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक पास कीं। वर्तमान में रिंकू रानी राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ऐलनाबाद में एचकेआरएन आधार पर हिंदी प्रवक्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं,
जबकि उनके पति पर्यावरण प्रेमी सुभाष चंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ममेरा कलां में भूगोल प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। रिंकु रानी ने कहा कि वे बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं स्त्री शिक्षा की अग्रदूत विद्या की देवी माता सावित्री बाई फुले को अपना आदर्श मानती हैं और उनके आदर्शों पर चलते हुए समाज व शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने का संकल्प रखती हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के माध्यम से महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का सहयोग मिले तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ अपने सपनों को साकार करने का साहस रखें, क्योंकि शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार है।
