सिरसा में आरएमपी चिकित्सकों का तेवर सख्त, श्री युवक साहित्य सदन में हुई बैठक, सीएमओ के लेटर पर जताया कड़ा विरोध
mahendra india news, new delhi
सिरसा। आर एम पी डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जारी पत्र के खिलाफ आरएमपी चिकित्सकों का विरोध तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर शहर के श्री युवक साहित्य सदन में आरएमपी चिकित्सकों और आयुर्वेदिक अनुभवी डॉक्टरों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई गई।
बैठक में आयुर्वेदिक अनुभवी चिकित्सक समाज समिति के प्रदेशाध्यक्ष राजपाल वर्मा और जिला प्रधान कश्मीर सिंह करीवाला सहित जिलाभर से आरएमपी ने हिस्सा लिया और कहा कि बिना स्पष्ट मापदंड तय किए प्रैक्टिस कर रहे सभी डॉक्टरों को एक ही श्रेणी में रखना पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आरएमपी चिकित्सक वर्षों से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, जहां सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं अक्सर सीमित रहती हैं। ऐसे में सीधे कार्रवाई की चेतावनी देना न केवल चिकित्सकों का अपमान है बल्कि इससे आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। आरएमपी प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि कार्रवाई किन मानकों के आधार पर की जाएगी।
साथ ही आरएमपी चिकित्सकों को झोलाछाप की श्रेणी में डालने से बचा जाए और किसी भी कार्रवाई से पहले नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। प्रदेशाध्यक्ष राजपाल वर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले पर पुनर्विचार नहीं किया तो आरएमपी चिकित्सक एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आरएमपी समाज अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण लेकिन मजबूत तरीके से आवाज उठाएगा और सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे।
