HARYANA भर के रोडवेज कर्मचारी न्याय मार्च करके परिवहन मन्त्री आवास का करेंगे घेराव
Mahendra india news, new delhi
कर्मचारियों की लंबित मांगों के प्रति संज्ञान नहीं लेने के विरोध में प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी आगामी 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के अंबाला स्थित आवास का घेराव करेंगे।हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मुकेश दुहन, निशान सिंह, जयबीर घणघस, लाधू राम, डिपो प्रधान रिछपाल सिंह, डिपो सचिव सुरेंद्र सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि रोडवेज विभाग में लगातार सेवानिवृत्ति एवं पर्याप्त नई भर्ती न होने के कारण चालक, परिचालक,मैकेनिक, हेल्पर, सफाई कर्मचारी एवं अन्य कर्मचारियों के हजारों पद खाली हो रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण अत्यधिक कार्य करने से कर्मचारियों को मानसिक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर छात्र, छात्राओं, कर्मचारी, व्यापारी एवं आम गरीब जनता को पर्याप्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चालक, परिचलकों की कमी एवं बसों की मरम्मत करने वाले कर्मचारियों की कमी के कारण सभी डिपो में हर रोज लगभग 30 से 40 बसें वर्कशॉपों में खड़ी रहती है।
सरकार प्रदूषण कम करने के बहाने से 62 रुपए प्रति किलोमीटर की महंगी दरों पर इलेक्ट्रिक बसों को बिना किसी की मांग के ठेके पर ले रही है। इन बसों में हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी रोडवेज बसों में दी जाने वाली विभिन्न रियायतें एवं नि:शुल्क यात्रा सुविधाएं लागू नहीं हैं। यह योजना जनता एवं रोडवेज विभाग के हित में नहीं है। योजना की इन बसों से रोडवेज विभाग का घाटा लगातार बढ़ रहा है। सरकार ठेके की योजना की बसों का ठेका रद्द करके साधारण बसों को प्रदेश की जनसंख्या अनुसार नई बसें खरीदकर बेड़े में शामिल किया जाए,
जिससे शहर व गांवों में रहने वाली आम गरीब जनता को सस्ती एवं सुरक्षित परिवहन सेवा मिल सके और हजारों बेरोजगार युवकों को रोजगार मिल सके। मोर्चा नेताओं ने आगे बताया कि सरकार बार-बार यूनियन प्रतिनिधियों के साथ वार्ता करती है, बैठकों में कर्मचारियों की अनेक मांगों को उचित भी माना जाता है, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया जाता। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी के मुख्य मांगों में परिचालक एवं चालक का पे ग्रेड बढ़ाया जाए,
हरियाणा कौशल विभाग के तहत लगे चालक परिचालक एवं अन्य सभी प्रकार के कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए, कर्मचारियों के कम किए गए देय अर्जित अवकाश पूर्व की भांति दिए जाएं, धुलाई भत्ता पूर्व की भांति दिया जाए, वर्षों से लंबित बोनस का भुगतान किया जाए, 2018 के ग्रुप डी के कर्मचारियों को कॉमन कैडर से बहार करके तकनीकी पदों पर प्रमोशन की जाए, कर्मचारियों के हित की तबादला नीति बनाई जाए, 2016 के चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का किया जाए, एक्सग्रेसिया पोलिसी में लगाई गई सभी शर्तों को हटाया जाए, जोखिम ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए। इन सभी मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी न्याय मार्च करेंगे। सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों समाधान नहीं किया गया तो बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
