CDLU सिरसा में RPL कार्यशाला और कौशल विकास कार्यक्रम, रोजगारपरक शिक्षा पर हुआ मंथन
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सहयोग से रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) पर कार्यशाला एवं रोजगारपरक कौशल विकास विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पूर्व अर्जित ज्ञान एवं अनुभव को शैक्षणिक मान्यता प्रदान करने तथा विद्यार्थियों में रोजगारपरक दक्षताओं के विकास पर विचार-विमर्श किया गया।
हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरपर्सन प्रो. के.सी. शर्मा ने कहा कि रोजगारपरक कौशल वर्तमान समय की आवश्यकता हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन से कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से कौशल आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।आरपीएल पर आयोजित तकनीकी सत्र में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह ने आरपीएल की अवधारणा, पात्रता, क्रेडिट आवंटन, प्रासंगिकता एवं मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से कार्य अनुभव, प्रशिक्षण और अनौपचारिक माध्यमों से अर्जित ज्ञान एवं कौशल का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जा सकता है। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के आईक्यूएसी निदेशक प्रो. बी. नरसिम्हन की अध्यक्षता में आयोजित सत्र में कौशल आधारित अधिगम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पूर्व अर्जित दक्षताओं को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने पर चर्चा हुई।
रोजगारपरक कौशल विकास कार्यक्रम के सत्र में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने सत्र की अध्यक्षता की, जबकि वाधवानी फाउंडेशन के स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क की निदेशक प्रियंका ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के कौशल विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावी संवाद, टीमवर्क, समस्या समाधान, नवाचार, आत्म-प्रबंधन, व्यावसायिक व्यवहार तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों को 21वीं सदी के प्रमुख रोजगारपरक कौशल बताया।
कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रमाणन, विद्यार्थियों के मूल्यांकन और एआई आधारित मॉक इंटरव्यू के माध्यम से रोजगार की तैयारी पर भी चर्चा की गई। समापन अवसर पर करियर काउंसलिंग इंटर्नशिप एंड इंडस्ट्री सेल के निदेशक प्रो. कपिल चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि रोजगारपरक कौशल विकास कार्यक्रम में डॉ. टिम्सी मेहता ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया।
