सैनी सभा ट्रस्ट (रजि.) ने सावित्री बाई फुले को किए श्रद्धासुमन अर्पित
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सिरसा सैनी सभा ट्रस्ट (रजि.) की ओर से माता सावित्री बाई फुले को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान नरेंद्र सैनी व कोषाध्यक्ष विजय सैनी दहिया ने की। इस मौके पर प्रधान नरेंद्र सैनी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा, समानता और सामाजिक सुधारों के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया।
उन्होंने लड़कियों की शिक्षा के लिए काम किया और जीवन भर बाल विवाह, सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। जब समाज में महिलाओं को घर की चार दीवारी में कैद रखा जाता था, उस समय सावित्रीबाई फुले ने किताब को हथियार बनाया।
उन्होंने बालिकाओं, विधवाओं और शोषित वर्ग की महिलाओं के लिए स्कूल खोले और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाया। उन्होंने सिखाया कि नारी केवल सहने के लिए नहीं बनी, बल्कि समाज को दिशा देने की ताकत भी उसमें है। उनकी सोच आज भी हमें यह याद दिलाती है कि अगर एक लडक़ी पढ़ती है, तो पूरी पीढ़ी आगे बढ़ती है।
इस मौके पर विजय सैनी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका नहीं थीं, वह बराबरी की लड़ाई की प्रतीक थीं। उन्होंने जाति, वर्ग और लिंग के भेदभाव के खिलाफ शिक्षा को सबसे मजबूत हथियार बनाया। उन्होंने समाज को यह सिखाया कि इंसान की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसकी सोच और शिक्षा से होती है।
उन्होंने कहा कि आज जब हम समानता और अधिकार की बात करते हैं, तो सावित्रीबाई फुले का संघर्ष हमें याद दिलाता है कि ये अधिकार हमें यूं ही नहीं मिले, बल्कि इसके पीछे एक साहसी महिला का इतिहास है। आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि हम उनकी सोच को सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में भी उतारें।
सावित्रीबाई फुले हमें सिखाती हैं कि शिक्षा ही असली क्रांति है। इस मौके पर संरक्षक विजयपाल सैनी, उपप्रधान विशाल सैनी, कोषाध्यक्ष विजय सैनी (दहिया), पूर्व प्रधान व पूर्व पार्षद बृजलाल सैनी, संयोजक जसवंत सैनी, सचिव अमीचंद सैनी, बाबूलाल सैनी, कुलदीप सैनी, महेंद्र कुमार सैनी, दीपक कुमार सैनी उपस्थित थे।
