संत कबीर की शिक्षाएं प्रेम, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं: साध्वी जी
mahendra india news, new delhi
सिरसा। संत कबीर वाटिका ट्रस्ट के आमंत्रण पर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा संत शिरोमणि कबीर साहेब जी की पावन वाणी पर आधारित आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी हिमाक्षी भारती एवं साध्वी नेहा भारती द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय वंदना एवं मधुर भजनों के गायन से हुआ, जिससे समूचा वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया। सत्संग के दौरान साध्वी चंडा भारती जी ने संत कबीर साहेब जी का प्रसिद्ध दोहा, कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर। ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर, का भावपूर्ण उच्चारण करते हुए उसके आध्यात्मिक भाव को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि संत कबीर साहेब जी का यह दोहा संपूर्ण मानवता के कल्याण का संदेश देता है। इसका तात्पर्य है कि मनुष्य किसी के प्रति बैर, द्वेष, ईर्ष्या अथवा अन्य मनोविकारों को अपने भीतर स्थान न दे, बल्कि सभी के प्रति समान प्रेम, करुणा और सद्भाव रखते हुए समस्त मानवता के मंगल की कामना करे। साध्वी चंडा भारती ने आगे कहा कि आज के समय में संत कबीर साहेब जी की शिक्षाएं समाज को प्रेम, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
जब मनुष्य अपने भीतर से अहंकार, द्वेष, भेदभाव एवं अन्य विकारों का त्याग कर ब्रह्मज्ञान के प्रकाश में जीवन व्यतीत करता है, तभी उसके जीवन में वास्तविक शांति एवं ईश्वर की अनुभूति संभव होती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोविंद कांडा (मुख्य सेवक, श्री तारा बाबा कुटिया), विशिष्ट अतिथियों वीर शांति स्वरूप (नगर पालिका अध्यक्ष), सुशील इंदौरा (पूर्व सांसद, सिरसा), अनिल गनेरीवाला (प्रधान, महाराजा अग्रसेन स्कूल, सिरसा), संजय साहुवाला (प्रधान, अग्रवाल सभा, सिरसा) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने संत कबीर साहेब जी की अमृतमयी वाणी का श्रवण कर उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा प्राप्त की। सत्संग का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।
