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सिरसा में संयुक्त मोर्चे की मीटिंग: लगातार तीसरे दिन भी यूनिट स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी

 
Sanyukt Morcha meeting in Sirsa: Protests at the unit level continue for the third consecutive day
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 Sanyukt Morcha meeting in Sirsa: Protests at the unit level continue for the third consecutive day

mahendra india news, new delhi
सिरसा। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को सिरसा बिजली बोर्ड के प्रांगण में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, अधिकारी एवं इंजीनियर एकत्रित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहरी यूनिट (एचएसईबी) के सीताराम एवं एएचपीसी के मीत चंद ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन सिटी यूनिट सचिव सुरेश मंगल एवं लखवीर ने किया। विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता श्याम लाल खोड, सह महासचिव देवीलाल बिरड़ा, एपीएचसी के मुख्य सलाहकार सुरजीत सिंह बेदी, एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव सतिन्द्र मोंगा, मदनलाल तथा वेदप्रकाश सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके उपरांत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार एवं निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव सतिन्द्र मोंगा एवं मदनलाल ने संयुक्त रूप से कहा कि बिजली कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों में भारी स्टाफ की कमी के बावजूद कर्मचारियों पर लगातार कार्यभार बढ़ता जा रहा है, जिससे उपभोक्ता सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए तथा बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस तत्काल लागू किया जाए।

सीताराम एवं मीत चंद ने संयुक्त रूप से कहा कि आॅनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी तथा एग्री डिस्कॉम जैसी कर्मचारी विरोधी नीतियों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। सतबीर एवं कनीराम ने कहा कि एचकेआरएन कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित की जाए तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

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संघर्ष समिति के नेताओं श्याम लाल खोड एवं देवीलाल बिरड़ा व  सुरजीत सिंह बेदी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में आॅनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करना, एग्री डिस्कॉम बनाने की योजना वापस लेना, बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू करना, एचकेआरएन कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करना तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना प्रमुख रूप से शामिल हैं। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार एवं निगम प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर विभिन्न कर्मचारी एवं इंजीनियर संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का परिचय दिया।