जीवन में सत्संग आवश्यक है, क्योंकि इससे बुद्धि विवेकी बनती है: स्वामी दिव्यानंद
mahendra india news, new delhi
सिरसा चौ. देवीलाल गौशाला सिरसा में आयोजित गौ गोपाल कथा में पूज्य गुरूदेव स्वामी डॉ. दिव्यानंद महाराज ने कहा कि आज सड़कों के किनारे पॉलिथीन युक्त कचरे के ढ़ेर लगे पड़े हैं, गाय उसे खा रही है। हम यह सब देखकर भी अनदेखा किए जा रहे हैं? मतलब हम जानते हुए भी अविवेकी हैं, बुरा हो रहा है फिर भी हम आंखें मूंदे हुए हैं।

आसुरी सोच ही असुर हो जाना है। ऐसा सत्संग नहीं चाहिए, जिससे जीवन में दुगुर्णों की प्रतिष्ठा हो। वह सत्संग भी सत्संग नहीं, जहां विवेक और मयार्दा की चर्चा न हो। अनुभवी सत्पुरुषों की वाणी को हम मनोरंजन बनाए जा रहे हैं। अभक्ष्य भोजन खाने-पीने वाला कंस यदि पिता को जेल में डाल रहा है तो गोदुग्ध पीने वाले श्री कृष्ण जेल से माता-पिता को मुक्त करा रहे हैं। गौ सेवक, गाय की इतनी महिमा और हम फिर भी गौ सेवा के प्रति इतने उदासीन? ये कथाएं केवल कहानियां नहीं, हम सबके लिये प्रेरणा हैं। इसीलिये गोदर्शन, गौ सेवा और गोदान का भरपूर लाभ प्राप्त करें।
इस अवसर पर अनिल कालड़ा, राम विलास धानुका, संदीप मेहता, सतपाल जिंदल, सोनू डूमरा, रमेश कुमार जमालिया, चंद्र शेखर आनन्द, प्रवीण महीपाल, रतन लाल महीपाल, प्रदीप शर्मा, कस्तूरी लाल छाबड़ा, सागर गर्ग, कैलाश सर्राफ, सत्यनारायण मित्तल, ऋषि बांसल एवं लायंस क्लब उमंग द्वारा गौ पूजन एवं गौ दान हुआ।
