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विद्वानों ने निर्धारित किया शास्त्रोचित होलिका दहन का समय

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Scholars have determined the scriptural time for burning Holika

Mahendra india news, new delhi
ऐलनाबाद। भारतीय परंपराओं में देशभर में परंपरागत तरीके से मनाए जाने वाले होलिका पर्व को लेकर यहां के विद्वानों ने ऐलनाबाद शहर के लिहाज से आवश्यक समय निर्धारित किया है। इस सिलसिले में विद्वानों की बैठक में प्रभु शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रारहित करना शास्त्रोक्त बताया गया है।

उन्होंने बताया कि कल 2 मार्च को शाम 5.56 बजे पूर्णिमा प्रारंभ होगी जो अगले दिन 3 मार्च को शाम 5.08 बजे तक रहेगी। अंत: प्रदोषकाल में पूर्णिमा कल 2 मार्च को ही प्राप्त होने से होली पर्व इसी दिन मनाया जाएगा। किंतु इस दिन भद्रा शाम 5.56 से अंतरात 5.32 तक रहेगी। होलिका पर्व में यदि भद्रा निशिथ (अद्र्धरात्रि) को पारकर ऊषाकाल तक पहुंच जाती है तो भद्रायुक्त प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा में भद्रा पुच्छ के समय में होलिका दहन करना श्रेष्ठ बताया गया है।

विद्वान प्रभु शास्त्री ने बताया कि कल 2 मार्च 2026 को भद्रामुख का समय रात 2.38 से अलसुबह 4.38 बजे तक रहेगा, जिसे छोडक़र भद्रा पुच्छे के समय रात 1.26 बजे से रात्रि 2.38 बजे तक होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा। इस बैठक में दीपचंद शास्त्री, चंद्रशेखर, पियुष शर्मा, रामनिवास, गोपीराम, रणजीत शास्त्री व श्री गौशाला के प्रमुख सेवक अंजनी लढा भी मौजूद थे। सभी ने आमजन से शास्त्रोचित समयावधि के दौरान ही होलिका दहन करने का आह्वान किया है। 

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