सिरसा के सेंट एमएसजी ग्लोरियस इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी, छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
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सेंट एमएसजी ग्लोरियस इंटरनेशनल स्कूल (गर्ल्स विंग) सिरसा में आयोजित विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में छात्राओं ने वर्किंग मॉडल और आकर्षक कलाकृतियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, रोबोटिक्स, पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा जैसे विषयों पर आधारित मॉडलों ने अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान खींचा। वहीं चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने पारंपरिक भारतीय कला, प्रकृति और वन्यजीवों को रंगों के माध्यम से जीवंत किया।
प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा इन्सां, कॉलेज की आईक्यूएसी निदेशक डॉ. रिशु तौमर व शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल सिरसा की प्राचार्या डॉ. शीला पुनिया इन्सां और सोनाली इन्सां ने विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। छात्राओं ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली समझाई और अतिथियों के सवालों के जवाब देकर वैज्ञानिक सोच व आत्मविश्वास का परिचय दिया। विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करने के साथ छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा जैसे विषयों पर भी अपनी समझ दिखाई। कला प्रदर्शनी में पेंटिंग, पेंसिल स्केच और क्राफ्ट वर्क के माध्यम से सामाजिक संदेशों और प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाया गया।
पैलेट आॅफ परसेप्शन में दिखे कला के विविध रंग
विद्यालय में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी पैलेट आॅफ परसेप्शन में कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों ने अलग-अलग थीम पर चित्र बनाकर अपनी कल्पनाशीलता का परिचय दिया। कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने पिछवाई कला के जरिए भारतीय परंपरा और संस्कृति को दर्शाया। कक्षा 7 के विद्यार्थियों ने कंटेम्पररी आर्ट फीचर्स आॅफ ग्रेस थीम पर मोर के आकर्षक चित्र बनाए। कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने सिनेमैटिक स्काइज विषय पर सिल्हूट पेंटिंग के माध्यम से आकाश के मनमोहक दृश्य उकेरे, जबकि कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने वंडर्स आॅफ द वाइल्ड थीम पर जंगली जानवरों के कार्टून चित्र प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की कलाकृतियां प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहीं।
व्यावहारिक ज्ञान से होता है सर्वांगीण विकास
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या अंबिका अरोड़ा ने छात्राओं की प्रतिभा की सराहना की और अभिभावकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में नवाचार और तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। किताबी ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझना शिक्षा के उद्देश्य को पूरा करने के लिए जरूरी है। उन्होंने प्रदर्शनी की सफलता का श्रेय शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग को दिया। अभिभावकों ने भी विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और कला व विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर देते हैं। आयोजन को सफल बनाने में विज्ञान संकाय, कला विभाग और विद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ का योगदान रहा।
