खारा खेड़ी सैनिक स्कूल में सेवा संकल्प सेमिनार, एवरेस्ट विजेता सहित 5 प्रेरक हस्तियों ने विद्यार्थियों को दिखाई सफलता की राह
mahendra india news, new delhi
रॉयल इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल खारा खेड़ी में स्थित सैनिक स्कूल में हरियाणा सरकार के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक प्रेरणादायक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें हौसले और जज्बे की मिसाल पांच विशिष्ट अतिथियों ने प्रेरक अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम में माउंट एवरेस्ट विजेता मीनू कालीरमन, आत्मरक्षा प्रशिक्षक विजेता मुंदलिया, दृष्टिहीन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर पूजा डूबल, नशा मुक्ति अभियान के प्रतिनिधि इंस्पेक्टर हवा सिंह और जल संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्रा करने वाले सुभाष एचरा ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के संघर्ष, साहस और सफलता की कहानियां साझा की।

अतिथियों के विद्यालय आगमन पर विद्यालय निदेशिका डॉ. ज्योत्स्ना, सैनिक स्कूल कमांडेंट कर्नल (डॉ.) डीवी नेहरा (सेवानिवृत्त), विद्यालय प्रशासक श्री विक्रमादित्य ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल जानूप्रिया कथूरिया, सीनियर कोऑर्डिनेटर पूनम विश्नोई, सैनिक स्कूल खारा खेड़ी और रॉयल स्कूल के सैकड़ों विद्यार्थियों तथा दोनों विद्यालयों के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथियों ने अपने अनुभवों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। माउंट एवरेस्ट विजेता मीनू कालीरमन ने बताया कि कैसे माइनस 60 डिग्री तापमान, ऑक्सीजन की कमी और मौत के खतरे के बीच उन्होंने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया और कहा कि लक्ष्य बड़ा हो तो डर छोटा हो जाता है। आत्मरक्षा प्रशिक्षक विजेता मुंदलिया ने छात्राओं को लाइव डेमो देकर बताया कि आत्मरक्षा केवल ताकत नहीं बल्कि आत्मविश्वास है, हर बेटी को निडर और साहसी होना चाहिए। दृष्टिहीन अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर पूजा डूबल ने कहा कि आंखों से नहीं हौसले से दुनिया देखी जाती है, उन्होंने अपनी टीम के साथ विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने की कहानी सुनाकर बच्चों की आंखें नम कर दीं।

वहीं जल योद्धा सुभाष एचरा ने अपनी हजारों किलोमीटर की साइकिल यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जल है तो कल है और जल बचाने के लिए हर युवा को सिपाही बनना होगा। इसी कड़ी में हरियाणा पुलिस में तैनात इंस्पेक्टर श्री हवा सिंह मांझू , जो कि एंटी ड्रग मिशन के तहत काम करते है , ने भी शिरकत की और वर्तमान पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल शरीर बल्कि पूरे परिवार और भविष्य को बर्बाद कर देता है, इसलिए श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए नशे से दूर रहना जरूरी है। अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशा मुक्त जीवन की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथियों से खुलकर संवाद किया और उनकी सफलता के मंत्र पूछे, जिसका अतिथियों ने बड़ी ही सहजता से जवाब दिया। पूरे सेमिनार के दौरान लगातार तालियों की गूंज और जोश का माहौल बना रहा। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे इन महान विभूतियों के बताए मार्ग पर चलकर अपने माता-पिता, विद्यालय और देश का नाम रोशन करेंगे। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
स्कूल चेयरमैन डॉ. युद्धवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि इन पाँचों विभूतियों ने सिद्ध कर दिया है कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। डॉ० ज्योत्स्ना ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आज की यह प्रेरणा हमारे बच्चों के जीवन की दिशा बदल देगी और वे समाज के लिए एक जिम्मेदार और सशक्त नागरिक बनेंगे। कर्नल नेहरा ने कहा कि अनुशासन, साहस और देशभक्ति ही जीवन की असली पूंजी है, विद्यार्थी इन अतिथियों से सीख लेकर अपने जीवन में आगे बढ़ें।
