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हरियाणा प्रदेश के कांग्रेस विधायक को कारण बताओ नोटिस; सदस्यता हो सकती है रद

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हरियाणा प्रदेश के कांग्रेस विधायक को कारण बताओ नोटिस; सदस्यता हो सकती है रद

mahendra india news, new delhi

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पार्टी निर्देशों का उल्लंघन करने और सदन के भीतर अनुशासनहीनता बरतने के मामले में कांग्रेस विधायक दल ने कड़ा संज्ञान लिया है। (27 अगस्त से 1 सितंबर, 2026) प्रदेश के मानसून सत्र के मामले में संज्ञान लिया गया है। 

जानकारी के अनुसार कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भारत भूषण बत्तरा ने रतिया विधानसभा क्षेत्र से एमएलए जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता रद् करने की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।


विधायक को जारी किए गये नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल द्वारा लाए गए काम रोको प्रस्ताव के समर्थन के लिए तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया गया था।


आरोप है कि रातिया के एमएलए जरनैल सिंह ने सचेतक इन्दुराज नरवाल द्वारा दिए जा रहे नोटिस की प्राप्ति स्वीकार करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। इसके अलावा, जब सदन में काम रोको प्रस्ताव पर समर्थन की बात आई, तो वे पार्टी निर्देश के अनुसार खड़े नहीं हुए।

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इसके साथ ही, उपलब्ध फोटो और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि एमएलए ने सदन के अंदर पोस्टर/प्लैकार्ड प्रदर्शित किए और सत्ता पक्ष की ओर जाकर हरियाणा सरकार के मंत्रियों,  कृष्ण बेदी और गौरव गौतम तथा अन्य सत्ताधारी एमएलए के साथ मिलकर अपनी ही पार्टी और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी में भाग लिया।

मुख्य सचेतक भारत भूषण बत्तरा ने स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल की सदस्यता स्वेच्छा से त्यागना केवल लिखित इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि विधायक का आचरण और सार्वजनिक गतिविधियां भी इस बात का आधार बनती हैं।

विधायक जरनैल सिंह को इस नोटिस का 17 प्रमुख बिंदुओं पर लिखित और साक्ष्यों सहित उत्तर देने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा दी गई है।

बता दें कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो सक्षम प्राधिकारी के समक्ष संविधान की 10वीं अनुसूची के अंतर्गत उनकी अयोग्यता की याचिका/कार्रवाई दायर कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि विधायक जरनैल सिंह को राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पहले भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया जा चुका है।