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SIRSA एडीसी ने पीएम विश्वकर्मा, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना व सीएम विंडो मामलों की समीक्षा

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Mahendra india news, new delhi
SIRSA अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना तथा सीएम विंडो से संबंधित मामलों के संबंध में डीएलआरसी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों के लंबित मामलों तथा बैंकों के स्तर पर लंबित ऋण आवेदनों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एलडीएम संजीव कुमार, नाबार्ड के  प्रबंधक स्वरदीप सिंह सहित जिले के विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एडीसी अर्पित संगल ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है।

इसलिए संबंधित विभाग और बैंक अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को समय पर मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से पीएम विश्वकर्मा और पीएम स्वनिधि योजना के तहत आने वाले आवेदनों की नियमित समीक्षा करने तथा बैंक स्तर पर लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों के आवेदन स्वीकृति के योग्य हैं, उनमें आवश्यक दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी या दस्तावेज संबंधी समस्या है तो संबंधित लाभार्थी को इसकी स्पष्ट जानकारी देकर कमी को दूर करवाया जाए। एडीसी ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा लाभार्थियों को बैंकिंग प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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उन्होंने सीएम विंडो से संबंधित मामलों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा किया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से समझते हुए नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। बैठक के दौरान विभिन्न बैंकों के अधिकारियों से योजनावार प्रगति की जानकारी ली गई और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।