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36 साल की गौरवशाली सेवा के बाद सेवानिवृत्त होंगी SIRSA डीईओ सुनीता साईं

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Sirsa DEO Sunita Sai to retire after 36 years of glorious service

Mahendra india news, new delhi
सिरसा जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता साईं वीरवार को 36 वर्ष 7 माह 22 दिन की उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायक सेवा यात्रा पूर्ण कर सेवानिवृत्त होंगी। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें भावभीनी विदाई दी जाएगी।

शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारी उनके उत्कृष्ट योगदान का सम्मान करेंगे। सुनीता साईं का शिक्षा विभाग में योगदान अनुशासन, नेतृत्व और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, प्रशासनिक पारदर्शिता और नवाचार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में जिला शिक्षा विभाग ने कई उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश स्तर पर सिरसा का नाम रोशन किया।
 

- शिक्षा, संस्कार और खेल प्रतिभा से गढ़ा व्यक्तित्व, छात्र जीवन से रहीं हर क्षेत्र में अग्रणी
श्रीमती साईं का जन्म 19 अप्रैल 1968 को हिसार में एक सुसंस्कारित परिवार में हुआ। उनके पिता चौधरी राम प्रताप एवं माता दयमंती सदैव उनके जीवन में प्रेरणा और आशीर्वाद का स्रोत रहे। 10 नवंबर 1989 को उनका विवाह सुधीर कुमार साईं के साथ संपन्न हुआ, जो एलआईसी से डेवलपमेंट ऑफिसर पद से सेवानिवृत्त हैं। उनका ससुराल ग्राम भट्टू, जिला फतेहाबाद में स्थित है। परिवार में सुपुत्री डॉ. अंकिता, दामाद इंजीनियर नवीन गढ़वाल तथा सुपुत्र डॉ. आदित्य हैं, जो उनके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों एवं गौरव के प्रतीक हैं। परिवार ने सुनीता साईं को शिक्षा और संस्कारों की मजबूत नींव प्रदान की।

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उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सीनियर मॉडल स्कूल, हिसार से प्राप्त की तथा बाद में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से बीएससी एवं एमएससी होम साइंस की डिग्री हासिल की। इसके उपरांत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीएड कर शिक्षा क्षेत्र में कदम रखा। शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ खेलों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। हॉकी एवं बास्केटबॉल में उन्होंने जिला, जोनल, राष्ट्रीय तथा अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। एनसीसी, योग और खो-खो में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।


- सुपरवाइजर से जिला शिक्षा अधिकारी तक, पदोन्नतियों के साथ तय किया नेतृत्व और उपलब्धियों से भरा सफर
सुनीता साईं ने 8 सितंबर 1989 को महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा में सुपरवाइजर पद से अपने सरकारी सेवा जीवन की शुरुआत की। इसके बाद 5 जनवरी 1994 को शिक्षा विभाग में लेक्चरर के रूप में नियुक्त होकर उन्होंने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, घिराय से शिक्षण सेवा प्रारंभ की। बाद में उन्होंने हिसार और सिरसा के विभिन्न विद्यालयों में लेक्चरर एवं प्राचार्या के रूप में सेवाएं दीं। 17 जून 2008 को डायरेक्ट प्रिंसिपल बनने के बाद उन्होंने नाथूसरी कलां, बाजेकां, चट्टरगढ़ पट्टी तथा दड़बी जैसे विद्यालयों में प्राचार्या के रूप में नेतृत्व किया।

15 मार्च 2021 से 5 मार्च 2023 तक उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी, सिरसा का अतिरिक्त कार्यभार संभाला। 10 मार्च 2023 को खंड शिक्षा अधिकारी, रानियां पद पर पदोन्नति प्राप्त की। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को उप जिला शिक्षा अधिकारी तथा 22 सितंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा बनीं।


- नेतृत्व में सिरसा ने रचे कीर्तिमान, शिक्षा विभाग को दिलाई प्रदेशभर में नई पहचान
उनके नेतृत्व में वर्ष 2025 में मिशन बुनियाद के तहत सिरसा जिले ने 7000 नामांकन का लक्ष्य सबसे पहले पूरा कर हरियाणा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं इंस्पायर अवार्ड मानक 2025-26 में 100 विद्यार्थियों के चयन के साथ सिरसा जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। सुनीता साईं का व्यक्तित्व एक सशक्त प्रशासक, कुशल मार्गदर्शक और प्रेरणादायी शिक्षाविद् के रूप में पहचाना जाता है। उनके सहयोगात्मक नेतृत्व के कारण विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सदैव उन्हें एक संरक्षक और प्रेरक अधिकारी के रूप में सम्मान दिया। आज उनके सेवानिवृत्त होने पर शिक्षा विभाग में भावनात्मक माहौल रहेगा। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि उनका योगदान शिक्षा जगत में सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।