SIRSA जीएनसी के विद्यार्थियों ने किया सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला भ्रमण
SIRSA GNC students visited Surajkund International Fair
अनुभवात्मक शिक्षा में एक नया अध्याय जोड़ते हुए राजकीय नैशनल महाविद्यालय, सिरसा ने फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. रमेश सोनी ने बताया कि कार्यकारी प्राचार्या डॉ. अनीता मङिया एवं महाविद्यालय की शैक्षणिक भ्रमण समिति के प्रभारी डॉ. जीतराम शर्मा के कुशल संयोजन में महाविद्यालय के 50 विद्यार्थियों ने सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला का भ्रमण किया।
इस एक दिवसीय भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को भारतीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कला रूपों और लोक संस्कृति की समृद्ध ताने-बाने का जीवंत अनुभव प्रदान करना था। छात्रों ने भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ भाग लेने वाले देशों की शिल्पकला के संगम को प्रत्यक्ष रूप से देखा और ग्रामीण कलात्मकता के आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी हासिल की।
डाॅ. जीतराम शर्मा एवं कर्मवीर कौशिक के कुशल नेतृत्व में छात्रों ने मेले के विशाल परिसर में भ्रमण किया, लाइव शिल्प प्रदर्शनों को देखा, कारीगरों से बातचीत की और लोक संगीत व नृत्य की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता मङिया ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग हैं। ये यात्राएं कक्षा के व्याख्यानों की एकरसता को तोड़ती हैं और छात्रों को हमारी सांस्कृतिक विरासत की वास्तविक समझ प्रदान करती हैं। यह संस्थान के लिए गर्व का क्षण है कि हमारे छात्र इस तरह की समृद्ध गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
डॉ. जीत राम भारद्वाज ने छात्रों के उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षा को समग्र बनाना था। मेले ने छात्रों को कारीगरों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों और लोक कला के विकास का प्रत्यक्ष अध्ययन करने का एक अनूठा मंच प्रदान किया।
छात्र देश की विविध सांस्कृतिक परिदृश्य के प्रति गहरी समझ और संजोई हुई यादों के साथ लौटे। महाविद्यालय के संकाय और कर्मचारियों द्वारा इस भ्रमण को शिक्षा और संस्कृति के सम्मिश्रण की एक सफल पहल के रूप में सराहना की।
