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सिरसा 10 जून 2026। बदलते मीडिया परिदृश्य और तेजी से विस्तार करते मनोरंजन उद्योग के बीच चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय,

Sirsa, June 10, 2026. Amidst the changing media landscape and rapidly expanding entertainment industry, Chaudhary Devi Lal University,
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Sirsa, June 10, 2026. Amidst the changing media landscape and rapidly expanding entertainment industry, Chaudhary Devi Lal University,
 

 सिरसा युवाओं को मीडिया, पत्रकारिता, रंगमंच, टेलीविजन और सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज (यूएसजीएस) विद्यार्थियों को रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। यूएसजीएस के अंतर्गत बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (पत्रकारिता एवं जनसंचार) पाठ्यक्रम में 40 सीटें और बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स पाठ्यक्रम में 30 सीटें निर्धारित हैं।


विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने भी मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। वर्ष 2003 में स्थापित यह विभाग वर्तमान में एम.ए. पत्रकारिता एवं जनसंचार तथा पीएचडी कार्यक्रम संचालित कर रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. सेवा सिंह बाजवा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार और संवेदनशील मीडिया पेशेवर तैयार करना है जो समाज, लोकतंत्र और मीडिया की नैतिक जिम्मेदारियों को समझते हुए कार्य कर सकें।
उन्होंने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक मल्टीमीडिया लैब, स्मार्ट क्लासरूम, रीडिंग रूम तथा सामुदायिक रेडियो स्टेशन 90.4 एफएम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हरियाणा में यह एकमात्र विश्वविद्यालय विभाग है जो अपना सामुदायिक रेडियो स्टेशन संचालित कर रहा है। विभाग ने मीडिया एवं उद्योग जगत से जुड़ाव को मजबूत बनाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन तथा नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, पानीपत इकाई के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए हैं।


प्रो. बाजवा ने बताया कि विभाग के विद्यार्थी और पूर्व छात्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों, विश्वविद्यालयों, जनसंपर्क विभागों तथा कॉरपोरेट क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। विभाग समय-समय पर मीडिया क्विज, विश्व रेडियो दिवस, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता, राष्ट्रीय सम्मेलन सहभागिता तथा सोशल मीडिया टेक्नोलॉजी विषयक कार्यशालाओं का आयोजन करता है, जिससे विद्यार्थियों को उद्योग की नवीनतम तकनीकों और प्रवृत्तियों से परिचित कराया जाता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि वर्तमान समय में मीडिया, संचार, मनोरंजन और डिजिटल कंटेंट उद्योग में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगार, उद्यमिता और रचनात्मक अभिव्यक्ति के व्यापक अवसर प्रदान कर रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के माध्यम से निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।

सीडीएलयू का बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स पाठ्यक्रम युवाओं को दे रहा प्रोफेशनल मंच। इस क्षेत्र में कैरियर की अपार संभावनाएं है।

इसी क्रम में यूएसजीएस के डीन प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (थिएटर, टेलीविजन एवं सिनेमा) कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तैयार यह चार वर्षीय पाठ्यक्रम अभिनय, रंगमंच, फिल्म निर्माण, टेलीविजन प्रस्तुति, पटकथा लेखन, निर्देशन, कैमरा तकनीक, वीडियो संपादन एवं डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। पाठ्यक्रम में 30 सीटें उपलब्ध हैं तथा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 परीक्षा न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

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उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में आधुनिक नाट्य मंच, ऑडिटोरियम, मीडिया प्रयोगशालाएं तथा तकनीकी संसाधनों से युक्त प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान किया जाता है। विभाग द्वारा नियमित रूप से कार्यशालाएं, नाट्य प्रस्तुतियां, फिल्म निर्माण परियोजनाएं, विशेषज्ञ व्याख्यान तथा सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।