सिरसा की बेटी तज़ाईना बजाज ने फिर रचा इतिहास, इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स में बनाई जगह
mahendra india news, new delhi
सिरसा की होनहार छात्रा तज़ाईना बजाज ने कम उम्र में अपनी असाधारण उपलब्धियों से पूरे शहर और देश का नाम फिर रोशन किया है। मात्र 14 वर्ष की आयु में तज़ाईना ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना को महज 38 सेकंड में फ्रेंच भाषा में सुनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स में स्थान बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
उल्लेखनीय है कि तज़ाईना बजाज सिरसा के प्रमुख व्यवसायी गंगाराम बजाज की सुपौत्री तथा अधिवक्ता विक्रांत बजाज की सुपुत्री हैं। इससे पूर्व भी तज़ाईना बजाज ने 12 वर्ष की आयु में 52 सेकंड में भारतीय दंड संहिता की अधिकतम धाराओं का वाचन कर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया था। इसी आयु के दौरान ही तज़ाईना को विधि क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए मैजिक बुक ऑफ रिकॉड्र्स नामक संस्था द्वारा उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
इसके बाद 13 वर्ष की आयु में तज़ाईना ने कानूनी धाराओं की व्याख्या पर आधारित डिकॉडिंग द लॉज नामक पुस्तक लिखी, जिसका विमोचन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश राजेश बिंदल द्वारा नई दिल्ली में किया गया था। न्यायाधीश राजेश बिंदल की उस समय तजाईना को लेकर यह टिप्पणी थी कि इतनी कम उम्र में विधि विषय पर पुस्तक लेखन उनके गहन ज्ञान और समर्पण को दर्शाता है।
फिलहाल तजाईना बजाज द्वारा फ्रेंच भाषा में भारतीय संविधान की प्रस्तावना को महज 38 सेकंड में सुनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्र्स में जगह बनाने की उपलब्धि हासिल करने पर शहर के विभिन्न गणमान्यजनों व संस्था प्रतिनिधियों द्वारा तजाईन बजाज के साथ-साथ पूरे बजाज परिवार को भी शुभकामनाएं दी हैं।
