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डीपीएस स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र को थप्पड़ मारना पड़ा महंगा, मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश किए जारी, होगी कार्रवाई

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Slapping a seventh-grade student at DPS proved costly; the Human Rights Commission ordered an investigation and action will be taken
mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश के जिला करनाल स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में छात्र के थप्पड़ मारना महंगा पड़ गया है। 
हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने कक्षा सातवीं के छात्र के साथ कथित रूप से हुए शारीरिक दंड के अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे बच्चों के मौलिक एवं वैधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है।

जानकारी के अनुसार शिकायत में नाबालिग छात्र को एक मामूली गलती के लिए अन्य छात्रों के समक्ष शिक्षक ने बार-बार थप्पड़ मारे। इससे सातवीं कक्षा में पढ़ाई करने वाले छात्र को गंभीर मानसिक आघात, भय, अपमान तथा असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई।

हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया है। इसी के साथ ही कहा कि इस प्रकार की घटनाएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और गरिमा पर दीर्घकालिक प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने जारी अपने निर्देश में स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि आरोपित आचरण किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 एवं 82 और बालकों के निश्शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 17 का घोर उल्लंघन है। जिसके तहत किसी भी बच्चों के प्रति किसी भी प्रकार के शारीरिक दंड, मानसिक उत्पीडऩ एवं अपमान को सख्त रूप से प्रतिबंधित किया गया है। अध्यक्ष ने विद्यालय कानूनी एवं नैतिक रूप से बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और बाल-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए बाध्य हैं।

डीपीएस स्कूल करनाल की प्राचार्या सुमन मदान ने कहा कि हमारे स्कूल में छात्रों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता है। शिकायतकर्ता के बच्चे अब भी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं, उनको कोई  िदक्कत नहीं है। नियम और दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा।