गेहूं की नई किस्म की करें बिजाई, होगा बंपर उत्पादन, किसानों को अधिक मुनाफा
mahendra india news, new delhi
किसान खरीफ की नरमा कपास की चुगाई कर रहे हैं। वहीं धान की कटाई कढ़ाई का कार्य खेतों में किसान कर रहे हैं। इसी के साथ ही रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान गेहूं की तैयारी में जुट गये हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेती में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए उन्नत और बीजों का चयन करना बहुत ही जरूरी है। उन्नत किस्मों के बीज न केवल पैदावार बढ़ाते हैं बल्कि कीट और रोगों का प्रकोप भी कम करते हैं, इससे उत्पादन लागत घटती है और किसानों को अधिक मुनाफा मिलता है। इसी को लेकर गेहूं की अधिक मुनाफा देने वाली किस्मों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, किसान इन किस्मों की बिजाई कर अच्छा उत्पादन पा सकते हैं।
IIWBR (आईआईडब्ल्यूबीआर) ने जारी की गेहूं की बेहतरीन किस्में
आईआईडब्ल्यूबीआर (भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान), करनाल ने रबी सीजन 2025-26 के लिए देश के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के अनुरूप गेहूं की उन्नत किस्मों की सूची जारी की है। इन किस्मों को अलग-अलग राज्यों की जलवायु और मिट्टी की दशा को ध्यान में रखते हुए अनुशंसित किया गया है। किसान यदि अपने क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त किस्म का चयन करते हैं, तो कम मेहनत में अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
गेहूं बुवाई का क्या है समय
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के अनुसार गेहूं की अगेती बुवाई का समय नवंबर का पहला सप्ताह होता है, जबकि समय पर बुवाई 20 नवंबर तक की जानी चाहिए। उचित समय पर बुवाई से पौधे की वृद्धि संतुलित होती है और उत्पादन क्षमता अधिक बढ़ती है।
HARYANA,Punjab, राजस्थान और पश्चिम यूपी (NWPZ क्षेत्र) क्षेत्रों के किसान सिंचित और समय पर बुवाई के लिए गेहूं की DBW 187, DBW 222, HD 3046, PBW 826, PBW 3226, HD 3086, HD 3386, HD 3411, WH 1105, DBW 296, WH 1402 किस्मों का चयन कर सकते हैं। इन किस्मों की खासियत यह है कि ये अधिक दाने वाली, रोग-प्रतिरोधी हैं और इनकी दाना भरने की क्षमता अधिक होती है।
