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हरियाणा के 5 जिलों से हटेगा खास दर्जा;हरियाणा सरकार 16 जून को ले सकती है बड़ा फैसला

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Special status to be withdrawn from 5 districts of Haryana; Haryana government likely to take a major decision on June 16
mahendra india news, new delhi

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली क्षेत्र का संदर्भ दिल्ली के पड़ोसी प्रदेशों के जिलों से संबंधित है। दरअसल, 1951 के बाद दिल्ली में औद्योगिक विकास तेजी से हुआ। इससे दिल्ली में अन्य प्रदेशों के लोग भी रोजगार और बेहतर सुविधाओं के लिए प्रवास करने लगे। मौजूदा वक्त हरियाणा प्रदेश के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़ते हैं। इनमें से 5 जिले जल्द ही बाहर हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार इस बाबत 16 जून को बड़ा फैसला ले सकती है। ये 5 जिले कौन से हैं, सरकार यह फैसला क्यों ले रही है और यह 


दिल्ली के अंदर इस बढ़ती आबादी और भीड़-भाड़ के दबाव को कम करने के लिए एनसीआर की परिकल्पना की गई। इसी उद्देश्य के साथ साल 1985 में प्लानिंग बोर्ड का गठन किया गया, ताकि पूरे क्षेत्र का विकास एक व्यवस्थित योजना के तहत हो सके। 
वर्तमान में एनसीआर में तीन प्रदेशोंं (हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) के 24 जिले शामिल हैं। इस सूची में सबसे अधिक जिले (14) हरियाणा के हैं, इन्हीं 14 जिलों के पांच जिलों को बाहर करने के प्रस्ताव पर अगले सप्ताह बैठक की जाएगी।

हरियाणा के इन 5 जिलों में करनाल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी शामिल है।। इस बाबत एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 16 जून को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

आपको बता दें कि दिल्ली से 100 किलोमीटर के दायरे से बाहर के जिलों को एनसीआर से बाहर करने के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा और आवास व शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने प्रयास शुरू किए थे। रीजनल प्लान-2041 के तहत एनसीआर सीमा को नए सिरे से तय करने का प्रस्ताव है।

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