राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदर्शन कर SIRSA डीईईओ को सौंपा ज्ञापन, चेतावनी
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सिरसा राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा से जुड़े शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रधान विजय शर्मा की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया और इसके बाद डीईईओ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला प्रधान विजय शर्मा ने बताया कि राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा (421) शिक्षा, शिक्षक और स्कूलों के हित में कार्य करने वाला संगठन है, जिसके प्रदेश में लगभग 30000 प्राथमिक शिक्षक सदस्य हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हरियाणा अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ से संबंधित है,
जिसकी सदस्यता 25 लाख 60 हजार तथा कार्य क्षेत्र भारतवर्ष के 27 राज्य हैं। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ विश्वव्यापी संगठन एजुकेशन इंटरनेशनल से जुड़ा है, जिसके 171 देश सक्रिय सदस्य हैं। संदीप रूंडला खंड सिरसा प्रधान ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं को संघ समय-समय पर पुरजोर तरीके से उठाता रहा है। अवगत करवाने के बाद भी विभाग व सरकार की ओर से इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है, जिसका खामियाजा शिक्षकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जा रहा है,
अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो राज्य कमेटी से बातचीत कर बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी, जिसके लिए संबंधित विभाग व सरकार जिम्मेवार होंगे। इस मौके पर जिला महासचिव विजय सहारण, चोपटा खंड से प्रधान सुधीर सुथार, ऐलनाबाद से भभूती प्रसाद, ओढां से कुलवंत सिंह, डबवाली से लाल बहादुर, बड़ागुढ़ा से अजमेर सिंह, सज्जन भांभू सहित जिले भर के प्राथमिक शिक्षक संघ मौजूद रहे।
ये है संघ की प्रमुख मांगें:
1. 2010 से पहले लगे शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान की जाए:
हाल के न्यायिक घटनाक्रमों के परिणाम स्वरूप कार्यरत शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता के संबंध में उत्पन्न स्थिति ने प्रदेश के हजारों शिक्षकों में व्यापक चिंता और भय की स्थिति पैदा कर दी है। यह विषय न केवल प्रभावित शिक्षकों और उनके परिवारों के हितों से जुड़ा है, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता एवं प्रभावशीलता पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। अत: इन शिक्षकों के कायार्नुभव, शैक्षिणक योग्यताओं और इतने सालों की सेवाओं को देखते हुए इन्हें टेट से छूट प्रदान की जाए।
2. पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए:
वर्तमान पेंशन स्कीम बाजार आधारित होने के कारण कर्मचारियों की सेवानिवृति के बाद मिलने वाली पेंशन अनिश्चित बनी रहती है। इससे कर्मचारियों में भविष्य को लेकर असुरक्षा और चिंता का वातावरण है। इसलिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू करके उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करें।
3. स्थानांतरण से संबंधित मांग:-
प्राथमिक शिक्षकों का स्थानांतरण ड्राइव चले हुए 10 साल से भी अधिक का समय बीत चुका है, जिसके कारण विद्यालयों में छात्र शिक्षक अनुपात गड़बड़ा गया है। अत: तबादला ड्राईव में सबसे पहले प्राथमिक शिक्षकों के तबादले किए जाएं।
4. गैर शैक्षणिक कार्यों से प्राथमिक शिक्षकों को पूर्ण रूप से मुक्त किया जाए:
प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को ही शिक्षक की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन विभागीय अधिकारी सभी प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों में इयूटी प्राथमिक शिक्षकों की ही लगाते हैं, जिसके कारण छोटे बच्चों की नींव कमजोर रह जाती है और इसके कारण प्राथमिक स्कूलों में छात्र संख्या लगातार कम हो रही है, जो भविष्य में सार्वजनिक शिक्षा के लिये बेहद चिंतनीय विषय है। अत: छात्र हित को देखते हुए प्राथमिक शिक्षकों को हर प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्ण रूप से मुक्त रखा जाए।
