एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण से लौटे जेसीडी मेमोरियल कॉलेज के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की मजबूत नींव: डॉ. जयप्रकाश
सिरसा। 19 अप्रैल 2026: जेसीडी विद्यापीठ स्थित जेसीडी मेमोरियल कॉलेज के बीएससी लाइफ साइंस, एमएससी बॉटनी तथा एमएससी जूलॉजी के विद्यार्थी हिसार से एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण से लौटे, जहाँ उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक और वैज्ञानिक गतिविधियों का अनुभव प्राप्त किया। यह शैक्षणिक यात्रा विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए प्रयोगात्मक ज्ञान उतना ही आवश्यक है जितना कि कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान। जब विद्यार्थी प्रयोगशालाओं, शोध संस्थानों और प्राकृतिक परिवेश को प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं, तो उनके भीतर जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और नवाचार की सोच विकसित होती है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को नई तकनीकों, आधुनिक शोध पद्धतियों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से परिचित कराते हैं। विज्ञान शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने वाले कुशल और जागरूक नागरिक तैयार करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की मजबूत नींव रखते हैं तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने, स्वरोजगार के अवसरों को समझने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करते हैं।
यह भ्रमण कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रंजीत सिंह के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका अंजलि धवन, डॉ. प्रगति राठी तथा प्रयोगशाला तकनीशियन नितिन के साथ सम्पन्न हुआ।
भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने आरती एक्वा रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया। यहाँ विद्यार्थियों को मत्स्य पालन से संबंधित आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने मछलियों के पालन हेतु बनाए गए विभिन्न प्रकार के तालाबों का अवलोकन किया और जाना कि किस प्रकार मछलियों की प्रजातियों का चयन, उनके भोजन की व्यवस्था, जल की गुणवत्ता बनाए रखना तथा रोगों से बचाव किया जाता है। उन्हें यह भी बताया गया कि मत्स्य पालन आज के समय में स्वरोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
विद्यार्थियों ने सीखा कि किस प्रकार वैज्ञानिक तरीके से मछलियों का बीज तैयार किया जाता है, किस प्रकार तालाबों की सफाई और रखरखाव किया जाता है तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए कौन-कौन सी नई तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही उन्हें मत्स्य पालन से जुड़े व्यवसायिक अवसरों, विपणन प्रक्रिया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसके योगदान के बारे में भी जानकारी दी गई। यह पूरा सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और कौशल विकास पर आधारित रहा।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित वनस्पति उद्यान में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के पौधों, वृक्षों और औषधीय प्रजातियों का अध्ययन किया। उन्हें पौधों के रोपण की विधियाँ, सिंचाई के तरीके, पौधों की सुरक्षा तथा उनकी देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
वनस्पति उद्यान में विद्यार्थियों ने औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जाना तथा यह समझा कि अनेक पौधे मानव जीवन में औषधि के रूप में कितने उपयोगी हैं। विद्यार्थियों ने विभिन्न दुर्लभ प्रजातियों को भी देखा और उनके संरक्षण की आवश्यकता को समझा। उद्यान का कैक्टस गार्डन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ विद्यार्थियों ने कैक्टस की अनेक प्रजातियों को देखा और उनके अनुकूलन की विशेषताओं के बारे में जाना।
कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर रंजीत सिंह ने कहा की संस्थान विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावहारिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सीखने की प्रक्रिया कक्षा से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से ही पूर्ण होती है।
अंत में सभी विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और कौशल विकास से परिपूर्ण बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक अनुभव लगातार आयोजित किए जाने की आशा व्यक्त की।
