जेएमसी विभाग के विद्यार्थियों ने तैयार किया विशेषांक, कुलगुरु प्रो. विजय कुमार एवं प्रो. आर.पी. सैनी ने किया विमोचन
mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव की चार दिवसीय गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, प्रतियोगिताओं और युवा प्रतिभाओं की उपलब्धियों को समेटते हुए विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष ई-मैगजीन तैयार की गई है। इस विशेषांक में महोत्सव के चारों दिनों की प्रमुख गतिविधियों, समाचारों और यादगार पलों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं मैगजीन के मुख्य संरक्षक प्रो. विजय कुमार, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के कुलगुरु प्रो. आर.पी. सैनी तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरसा पुनीश जिंदिया ने इस ई-मैगजीन का विमोचन किया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता और व्यावसायिक दक्षता को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीआरएसयू के कुलगुरु प्रो आर पी सैनी ने भी मैगज़ीन के संपादकीय मंडल एवं विद्यार्थी संपादक एवं संवाददाताओ को बधाई दी।
ई-मैगजीन के संपादक एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रोफेसर अमित सांगवान ने बताया कि इस ई-मैगजीन के संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार, मुख्य संपादक डायरेक्टर यूथ वेलफेयर प्रो. मंजू नेहरा और एसोसिएट एडिटर प्रो. रविंद्र ढिल्लों हैं।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पत्रकारिता का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में पत्रकारिता के विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें मीडिया उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभाग विद्यार्थियों को आधुनिक मीडिया तकनीकों, डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट प्रोडक्शन का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि अकादमिक जगत और मीडिया उद्योग के बीच की खाई को कम किया जा सके।
प्रो. अमित ने बताया कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में अपना रेडियो स्टेशन और टेलीविजन स्टूडियो उपलब्ध है, जहां विद्यार्थियों को रेडियो एवं टेलीविजन कार्यक्रम निर्माण, समाचार लेखन, रिपोर्टिंग, एंकरिंग और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस ई-मैगजीन को तैयार करने में विभाग के छात्र विक्रम बिजारणिया ने बतौर छात्र संपादक की भूमिका में कार्य किया और विभाग के विद्यार्थियों अनमोल, प्रिंस, हीना, अतुल और विपिन ने भी संस्करण को निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों को सब-एडिटर, न्यूज एडिटर, संवाददाता, विजुअलाइज और डिजाइनर जैसी विभिन्न संपादकीय एवं रचनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। मैगजीन की विषयवस्तु तैयार करने से लेकर समाचारों के संपादन, विजुअल चयन और डिजाइनिंग तक विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके डिजाइन और प्रस्तुतीकरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स की भी सहायता ली गई।
उन्होंने कहा कि यह ई-मैगजीन विद्यार्थियों के लिए एक वास्तविक मीडिया प्रोडक्शन अभ्यास का उदाहरण है, जिसमें उन्हें एक आयोजन की कवरेज से लेकर समाचारों के संकलन, संपादन, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन तक का अनुभव प्राप्त हुआ। यह विशेषांक न केवल त्रिवेणी युवा महोत्सव की चार दिवसीय उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेज है, बल्कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक पत्रकारिता कौशल का भी सशक्त उदाहरण है। इस अवसर पर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद के परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमार बांसल, सीडीएलयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, कल्चरल कोऑर्डिनेटर प्रो रणजीत कौर तथा राजेश छिकारा आदि उपस्थित रहे।
