अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए विशेष सावधानियां बरतें, इन बातों का रखें विशेष ध्यान
इस समय किसान गेहूं की फसल निकालने में लगे हुए हैं। वहीं इस समय उपज का भंडारण भी किया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसानों को अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि नमी और कीटों से फसल को बचाया जा सके।
अनाज का सही ढंग से भंडारण करने के लिए नीचे दिए गए उपाय अपनाएं:
धूप में सुखाना (नमी प्रबंधन): कटाई के बाद अनाज को अच्छी तरह से सुखाना बहुत जरूरी है। थ्रेसिंग से पहले अनाज में नमी लगभग 10 से 11 फीसद होनी चाहिए।
नमी का परीक्षण: सूखे बीजों को दांत से तोडक़र नमी का परीक्षण करें। कट की आवाज आने का मतलब है कि वे भंडारण के लिए उपयुक्त हैं।
गोदाम की सफाई: अनाज को गोदाम में रखने से पहले उसे साफ करें और दीवारों पर चूने की पुताई करें। फर्श को धोकर सुखाएं और दरारों को भर दें।
कीटनाशक का प्रयोग: अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए, खाली बोरों और भंडारण क्षेत्र में मैलाथियान 50 ईसी का छिडक़ाव करना चाहिए।
भंडारण की मात्रा: अनाज में 10 फीसद से 12 फीसद, और दलहन-तिलहन में 8 से 10 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए।
साफ-सफाई: भंडारण से पहले अनाज से भूसा, धूल, और खरपतवार को अलग कर दें।
पारंपरिक उपाय: कीड़ों से बचाव के लिए, अनाज के भंडारण के लिए कोठियों में नीम की पत्तियों का उपयोग किया जा सकता है।
