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सिरसा के सादेवाला में कीटनाशक स्प्रे के बाद 31 एकड़ नरमे की फसल बर्बाद, किसानों ने किया नुकसान का दावा

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Team BKE inspected the American cotton crop damaged by pesticide spraying, alongside farmers: Lakhwinder Singh Aulakh

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने गांव सादेवाला में दो किसानों की 31 एकड़ नरमे (कपास) की फसल कीटनाशक के छिड़काव के कारण पूरी तरह से जलकर नष्ट हुई फसल का स्थानीय किसानों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पीड़ित किसानों जसवीर सिंह और जगसीर सिंह (पुत्र वीर सिंह, निवासी गांव सादेवाला, तहसील रानियां, जिला सिरसा) ने बताया कि उन्होंने अपने 31 एकड़ खेत में बिजाई की गई नरमे की फसल के लिए गांव सादेवाला स्थित 'किरोड़ीवाल बीज भण्डार' से कीटनाशक दवाइयां खरीदी थीं।

किसान जसवीर दंदीवाल ने बताया कि दुकान से 27 अगस्त 2026 को दवा विक्रेता के कहे अनुसार तीन दवाइयां खरीदकर उनका घोल बनाकर स्प्रे किया गया था, जिनमें यूकाडो, कंपनी: अलबॉ, मायजोएट गोल्ड- कंपनी: अलबॉ व फर्टिस्टार नेक्सॉन-कंपनी: एडवांस पेस्टिसाइड्स शामिल हैं।

कीटनाशक का छिड़काव करने के कुछ ही दिनों बाद नरमे की फसल जलना शुरू हो गई। जब किसानों ने दवा विक्रेता से शिकायत की, तो उसने यह कहकर टाल दिया कि फसल जल्द ही ठीक हो जाएगी। बार-बार कहने पर उसने संबंधित कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया। उन्होंने भी खेत का निरीक्षण किया, लेकिन वे भी बार-बार भरोसा देकर चले गए कि नुकसान की भरपाई कर दी जाएगी। किसान ने मौके पर दिखाया कि पूरे खेत में से जिन दो क्यारियों में पानी लगा हुआ था और जिन पर स्प्रे नहीं हो पाया था, वे फसलें बिल्कुल ठीक खड़ी हैं, जबकि बाकी फसल पूरे खेत में स्प्रे के कारण फसल जलकर नष्ट हो गई है। कई दिनों तक इंतजार करने के बाद भी फसल ठीक होने के बजाय पूरी तरह बर्बाद हो गई।

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कृषि विभाग की लापरवाही पर रोष:
किसानों ने पूरी मेहनत और भारी लागत लगाकर फसल को तैयार किया था, लेकिन जब फसल पककर तैयार होने वाली थी, तब इस कीटनाशक के प्रभाव से 31 एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। किसानों द्वारा दिनांक 09 अक्टूबर 2026 को उप-कृषि निदेशक (कृषि विभाग, सिरसा) के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक कृषि विभाग का कोई अधिकारी या टीम मौके का मुआयना करने नहीं पहुंची है।


मुआवजे और कार्रवाई की मांग:
भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि तुरंत कृषि अधिकारियों की टीम भेजकर 31 एकड़ खराब हुई फसल का मौका-मुआयना और गिरदावरी करवाई जाए। घटिया या हानिकारक दवाई बेचने वाले संबंधित दुकानदार (किरोड़ीवाल बीज भण्डार) तथा दवाई निमार्ता कंपनियों अलबॉ एवं एडवांस पेस्टिसाइड्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ित किसान भाइयों (जसवीर सिंह व जगसीर सिंह) को हुए भारी नुकसान की उचित मुआवजा राशि जल्द से जल्द दिलवाई जाए। बीकेई ने चेतावनी दी है कि यदि कृषि विभाग और प्रशासन ने जल्द ही किसानों की सुनवाई नहीं की और पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं मिला, तो संगठन किसानों के हक में कड़ा कदम उठाने को मजबूर होगा।

इस मौके पर बीकेई के प्रदेश प्रवक्ता सुभाष झोरड़, सरबजीत कंबोज, दीपू गिल, जयकरण झोरड़ नथोर, सरपंच प्रवीन कुमार, पूर्व सरपंच सुखविंदर सरां, जसविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह नंबरदार, ताराचंद, नछतर सिंह, कुलवीर सिंह, गुरमुख सरां, गगन, अनमोल, भजन लाल सहित सादेवाला के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।