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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आज से शुरू होगा 13वां त्रिवेणी युवा महोत्सव; चार मंचों पर दिखेगी युवा प्रतिभाओं की छटा

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The 13th Triveni Youth Festival begins today at Chaudhary Devi Lal University; a showcase of young talent will be on display across four stages

mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (CDLU), सिरसा में आज से 28 अक्टूबर, 2026 तक 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। युवा कल्याण निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय महोत्सव की थीम ‘युवा उमंग, संस्कृति के संग’ रखी गई है। महोत्सव के उद्घाटन समारोह में दादा लखमी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य मुख्य अतिथि होंगे। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। सुपवा विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक तथा फतेहाबाद के उपायुक्त डॉ. विवेक भारती विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। आल इंडिया ुनिवर्सिटीज़ की तरफ से शिवम दीक्षित बत्तौर आब्जर्वर सिरकत करेंगे।  

युवा कल्याण निदेशक प्रो. मंजू नेहरा ने बताया कि महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा-निर्देशन में आयोजित होने वाला यह महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा, साहित्यिक अभिरुचि, रचनात्मकता और कलात्मक कौशल प्रदर्शित करने का व्यापक मंच प्रदान करेगा। महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को हरियाणवी लोक संस्कृति, भारतीय परंपराओं तथा आधुनिक कला एवं संगीत की विविध विधाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

प्रो. नेहरा ने बताया कि महोत्सव की तैयारियों का कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार और डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सुरेंद्र सिंह ने जायजा लिया तथा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। चार दिवसीय महोत्सव में संगीत, नृत्य, नाटक, काव्य, वाद-विवाद, भाषण, प्रश्नोत्तरी और ललित कला से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

चार मंचों पर होंगी प्रतियोगिताएं
प्रो. मंजू नेहरा के अनुसार, महोत्सव के लिए चार मंच निर्धारित किए गए हैं। मंच-प्रथम मुख्य हॉल में, मंच-द्वितीय ऑडिटोरियम में, मंच-तृतीय सी.वी. रमन भवन के सेमिनार हॉल में तथा मंच-चतुर्थ यूआईटी/डीसी भवन में स्थापित किया जाएगा। प्रतिदिन मंचीय प्रस्तुतियां प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित होंगी। पहले और दूसरे दिन प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग का समय प्रातः 8 बजे, जबकि तीसरे और चौथे दिन प्रातः 8:30 बजे निर्धारित किया गया है।

25 अक्टूबर: सांस्कृतिक शोभायात्रा एवं उद्घाटन समारोह से होगा आगाज
महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक शोभायात्रा और उद्घाटन समारोह के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। मंच-प्रथम पर कोरियोग्राफी, लोक वाद्यवृंद और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। मंच-द्वितीय पर भारतीय समूहगान तथा शास्त्रीय एकल गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। मंच-तृतीय पर काव्य संगोष्ठी होगी, जबकि मंच-चतुर्थ पर क्ले मॉडलिंग और कार्टूनिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

26 अक्टूबर: हरियाणवी नृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां और वाद-विवाद
दूसरे दिन मंच-प्रथम पर हरियाणवी एकल नृत्य (महिला एवं पुरुष) और सामान्य समूह नृत्य प्रतियोगिताएं होंगी। मंच-द्वितीय पर स्किट, शास्त्रीय एकल वाद्ययंत्र वादन की ताल एवं गैर-ताल श्रेणियों, भारतीय सुगम गायन और माइम की प्रस्तुतियां होंगी।

मंच-तृतीय पर हिंदी एवं अंग्रेजी में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। मंच-चतुर्थ पर ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग और कोलाज निर्माण प्रतियोगिताएं होंगी। इस दिन विद्यार्थियों को नृत्य, अभिनय, संगीत, तार्किक अभिव्यक्ति और दृश्य कला में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

27 अक्टूबर: लोक संस्कृति, रंगमंच, पश्चिमी संगीत और प्रश्नोत्तरी
तीसरे दिन मंच-प्रथम पर हरियाणवी समूह नृत्य, मिमिक्री और एकांकी नाटक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। मंच-द्वितीय पर पश्चिमी एकल गायन, पश्चिमी एकल वाद्ययंत्र वादन, पश्चिमी समूहगान तथा सामान्य लोकगीत एकल गायन की प्रस्तुतियां होंगी।

मंच-तृतीय पर हिंदी एवं अंग्रेजी में भाषण प्रतियोगिताओं के साथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण का आयोजन किया जाएगा। मंच-चतुर्थ पर पोस्टर निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताएं होंगी। इस दिन का कार्यक्रम मंचीय अभिनय, संगीत, भाषाई अभिव्यक्ति और रचनात्मक कला की विविधता को समर्पित रहेगा।

28 अक्टूबर: कव्वाली, लोक परंपराएं और पुरस्कार वितरण
महोत्सव के अंतिम दिन मंच-प्रथम पर कव्वाली, लोक अनुष्ठान आधारित समूह प्रस्तुति (फोक रिचुअल) और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। मंच-तृतीय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का फाइनल होगा। इन आयोजनों के साथ चार दिवसीय युवा महोत्सव का समापन होगा।

विद्यार्थियों को मिलेगा प्रतिभा निखारने का अवसर
प्रो. मंजू नेहरा ने कहा कि त्रिवेणी युवा महोत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, मंचीय अनुभव प्राप्त करने तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रतिभागियों के साथ संवाद एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘युवा उमंग, संस्कृति के संग’ की भावना के अनुरूप यह महोत्सव विद्यार्थियों में उत्साह, रचनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान को और मजबूत करेगा।