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CDLU SIRSA का 24वां स्थापना दिवस विश्वविद्यालय के सभागार में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया

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The 24th Foundation Day of CDLU SIRSA was celebrated with great joy and dignity in the university auditorium

mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के युवा कल्याण निदेशालय द्वारा विश्वविद्यालय का 24वां स्थापना दिवस विश्वविद्यालय के सभागार में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व कुलपति पत्रकारिता यूनिवर्सिटी भोपाल एवं वर्तमान में भारतीय चित्र साधना के अध्यक्ष प्रोफेसर बृज किशोर कुठियाला उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने की।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 30 वर्ष पूर्व एक क्रांतिकारी बदलाव आया, जब लोगों की मांग थी कि उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि परिवर्तन जीवन का अभिन्न अंग है और शिक्षा संस्थानों को समय के साथ स्वयं को निरंतर विकसित करते रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी समाज के बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विकास के केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक ज्ञान के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री जननायक देवीलाल जी जिनके नाम से विश्वविद्यालय का नामकरण है, उनके जीवन से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सीडीएलयू ने शिक्षा, शोध एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अनुशासन, परिश्रम एवं नवाचार को अपनाकर अपने जीवन में सफलता प्राप्त करें तथा विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। इससे पूर्व मुख्य अतिथि,  कुलगुरु व प्राध्यापकों एवं अधिकारियों द्वारा चौधरी देवीलाल जी की आदम कद प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।


कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें प्रो. मंजू नेहरा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय के विकास पथ पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया और सभागार में उत्साह का वातावरण बना दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. टिम्सी ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, गैर-शिक्षण कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन कल्चरल कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रणजीत कौर द्वारा किया गया।