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सीडीएलयू में संत शिरोमणि गुरु रविदास पीठ द्वारा गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती गरिमा, विवेक एवं वैचारिक चेतना के साथ संपन्न

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The 649th birth anniversary of Guru Ravidas Ji was celebrated with dignity, wisdom and ideological consciousness by Sant Shiromani Guru Ravidas Peeth at CDLU

Mahendra india news, new delhi

SIRSA चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में संत शिरोमणि गुरु रविदास पीठ के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती टैगोर लेक्चर थिएटर में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं वैचारिक गंभीरता के साथ मनाई गई। यह आयोजन सामाजिक समरसता, मानवीय मूल्यों एवं आत्मिक चेतना के प्रसार का सशक्त मंच सिद्ध हुआ।


कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि संत गुरु रविदास जी की वाणी युगातीत होते हुए भी आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक मनोवृत्ति से ही समाज, पर्यावरण एवं राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है। कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने विद्यार्थियों से आत्मसंघर्ष, आत्मचिंतन एवं सकारात्मक ऊर्जा के संरक्षण का आग्रह करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने भेदभाव-रहित समाज की परिकल्पना की, जहाँ सभी मनुष्य समान हो। “मन जीते तो जग जीते” का संदेश देते हुए उन्होंने नशामुक्त, मूल्यनिष्ठ और संवेदनशील समाज निर्माण पर बल दिया।
इससे पूर्व संत शिरोमणि गुरु रविदास पीठ के प्रभारी डॉ. राकेश कुमार ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी की विचारधारा सामाजिक समानता, श्रम की गरिमा और मानव-मात्र की एकता पर आधारित है।

उन्होंने युवाओं से गुरु की वाणी को केवल पढ़ने नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पंजाबी विभाग के छात्र हरजिंदर सिंह ने “किरत करो” के सिद्धांत पर विचार व्यक्त किए। पंजाबी विभाग की छात्रा पूजा ने गुरु रविदास जी की “बेगमपुरा” की अवधारणा को सामाजिक न्याय और समता का आदर्श मॉडल बताया। संस्कृत विभाग की शोधार्थी प्रोमिला ने गुरु रविदास की वाणी के दार्शनिक पक्ष पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि गुरु रविदास जी का जन्म लगभग 1377 ईस्वी में हुआ तथा वे संत रामानंद जी के शिष्य थे।

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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। संगीत विभाग के प्राध्यापक डॉ. विनोद व विद्यार्थियों द्वारा शबद गायन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सेवा सिंह बाजवा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर राजकुमार, प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, डॉ. रविंदर, डॉ. जसबीर भारत, डॉ. कमलेश, गुरसाहिब सिंह सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।