चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा का बायोटेक विभाग शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के दम पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बना चुका है
The Biotech Department of Chaudhary Devi Lal University, Sirsa has earned a distinct identity at the national and international level for its outstanding achievements in the field of education, research and innovation.
सिरसा 08 जून 2026। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा का बायोटेक विभाग शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों के दम पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बना चुका है। विश्व स्तरीय शोध, पेटेंट, उच्च गुणवत्ता के प्रकाशनों तथा विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सफलता ने विभाग को विश्वविद्यालय के अग्रणी विभागों में स्थापित किया है।
विभागाध्यक्ष प्रो. एस.के. गहलावत ने बताया कि वर्ष 2004 में स्थापित बायोटेक विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान, अनुसंधान कौशल और नवाचार आधारित शिक्षा प्रदान करना है।
विभाग लगातार ऐसे वातावरण का निर्माण कर रहा है, जहाँ विद्यार्थी वैज्ञानिक सोच विकसित करते हुए समाज और राष्ट्र की चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों द्वारा अब तक 500 से अधिक शोध-पत्र प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 10 से अधिक अकादमिक पुस्तकों का प्रकाशन तथा 5 पेटेंट प्रकाशित एवं स्वीकृत हो चुके हैं। विभाग द्वारा विभिन्न विषयों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक सम्मेलन, कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
विभाग की उपलब्धियों को वैश्विक मान्यता भी प्राप्त हुई है। विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जे.एस. दुहान एवं डॉ. प्रदीप कुमार को एल्सेवियर-स्टैनफोर्ड ग्लोबल रैंकिंग में विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला है, जो विश्वविद्यालय और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी विभाग के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। हाल ही में आयोजित सीएसआईआर-यूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा में विभाग की छात्रा करिना ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम पूरे देश में रोशन किया। विभाग के अनेक विद्यार्थियों ने नेट, जेआरएफ तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है।
बायोटेक विभाग की शोध विशेषज्ञता फसल सुधार, कृषि जैव प्रौद्योगिकी, सूक्ष्मजीव विज्ञान, जीनोमिक्स, पशु स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकसित हुई है। विभाग के पूर्व विद्यार्थी देश-विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों में वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षक तथा प्रबंधन विशेषज्ञ के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं। अनेक पूर्व छात्र अमेरिका, कनाडा और यूरोप के प्रमुख संस्थानों में शोध कार्य कर रहे हैं।
