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बरसाती सीजन से पहले नाथूसरी चौपटा से गुजरने वाले हिसार घग्घर ड्रेन सेमनाल की शुरू नहीं हुई साफ सफाई, चिंता में ग्रामीण

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The cleaning of the Hisar Ghaggar drain, which passes through Nathusari Chaupata, has not started before the rainy season, causing concern for the villagers
mahendra india news, new delhi

सिरसा जिला के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र से गुजरने वाले हिसार घग्घर ड्रेन सेमनाल की समय पर साफ सफाई नहीं होती है। इससे हर साल सेमनाला के टूटने से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। सेमनाल की बरसाती सीजन शुरू होता है। सिंचाई विभाग के अधिकारी मात्रा खानापूर्ति करते हैं। जिसका खामियाजा चौपटा क्षेत्र के ग्रामीणों को करना पड़ता है। सेमनाला के कारण दड़बा कलां, मानकदिवान, रूपाना ख्खुर्द, नाथूसरी कलां,ख् शक्करमंदोरी, शाहपुरिया, तरकांवाली, चाहरवाला, गुडियाखेड़ा, मोडिया खेड़ा समेत अनेक गांव के ग्रामीण चिंता में रहते हैं। ं,



गांव दड़बा कलां निवासी विनोद कुमार खलेरी, श्रवण कुमार, महेंद्र सिंह, ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सेम-ग्रस्त इलाकों के लिए करोड़ों की योजनाएं चलाईं। सेम प्रभावित क्षेत्र सुधार योजना पर गांवों में हकीकत यह है कि सेम-नाले सालों से साफ नहीं की गई है। जब जून में हल्की बारिश होते ही खेत तालाब बन जाते हैं।


उन्होंने बताया कि सेम-नालों में 4-5 फीट तक गाद, झाड़-झंखाड़ और पॉलीथिन भरी है। पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं। 2024 और 2025 की बरसात के सीजन में अनेक गांवों के अंदर किसानों की फसल डूब गई थी। हर साल बरसात से पहले अधिकारी आते हैं, फोटो खींचते हैं, रजिस्टर में नाला सफाई पूर्ण लिख देते हैं।

उन्होंने कहा कि सेमनाला सफाई का काम पूरा हुआ या नहीं, इसकी जांच गांव की कमेटी और किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।योजनाएं तभी सार्थक हैं जब पानी खेत से निकलकर नाले में जाए। वरना ये सिर्फ फाइलों का पेट भर रही हैं, किसान का नहीं। बरसात सिर पर है से पहले अब भी नहीं चेते तो इस बार नुकसान बेकाबू होगा।