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झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची की हालत ठीक, स्वस्थ होने के बाद स्टेट एडॉप्शन अथॉरिटी को सौंपी जाएगी

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The condition of the newborn girl found in the bushes is fine, after she gets well she will be handed over to the State Adoption Authority
 mahendra india news, new delhi

​​​​​सिरसा जिले में झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची की हालत अब स्थिर है। बच्ची को नागरिक अस्पताल Srsa के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (NICU Ward) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी देखभाल कर रही है। उधर बच्ची को गोद लेने के लिए लोग आगे आए है।

नाथुसरी कलां की सरपंच रीटा कासनियां ने कहा कि उनके गांव में जो एक नवजात बच्ची मिली है वह सिरसा के नागरिक अस्पताल SIRSA में भर्ती है । उनका कहना है कि अगर बच्ची को कोई नहीं अपनाता है तो ग्राम पंचायत द्वारा बच्ची की पूरी सहायता की जाएगी। जिस किसी को भी गोद लेना है वह कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद ले सकता है।

जैसे ही इस घटना की सूचना जिला बाल कल्याण समिति को मिली, समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा और सदस्य पूर्णिमा मोंगा ने तुरंत चौपटा थाना प्रभारी से संपर्क कर मामले की जानकारी ली। इसके बाद दोनों अधिकारी नागरिक अस्पताल पहुंचीं और डॉक्टरों से बच्ची के स्वास्थ्य की स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त की। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की हालत अब स्थिर है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। अनीता वर्मा ने बताया कि बच्ची के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसकी जिम्मेदारी नागरिक अस्पताल प्रशासन की होगी। उसके बाद उसे स्टेट एडॉप्शन अथॉरिटी को सौंपा जाएगा, जो उसके सुरक्षित भविष्य के लिए उचित कदम उठाएगी।

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इस मामले में चौपटा थाना पुलिस ने आशा वर्कर इंद्रा देवी की शिकायत पर अज्ञात महिला और पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उस महिला की पहचान कर ली जाएगी, जिसने नवजात को झाड़ियों में छोड़ दिया। जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनीता वर्मा ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनचाहे बच्चे को असुरक्षित स्थानों पर न छोड़ें। उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में पालना (Cradle Baby Scheme) की व्यवस्था की गई है, जहां बच्चे को सुरक्षित छोड़ा जा सकता है। इस दौरान बच्चे को छोड़ने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। न तो कोई सवाल पूछा जाता है और न ही कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा सीधे जिला बाल कल्याण समिति को भी बच्चे सौंपे जा सकते हैं।