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सुरजीत सिंह रेणू का निधन साहित्यिक सामाजिक क्षेत्रों के लिए अपूरणीय क्षति, विभिन्न संगठनों ने किया गहन शोक का इज़हार

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The demise of Surjeet Singh Renu is an irreparable loss to the literary and social fields, various organizations expressed deep condolences

mahendra india news, new delhi
देश, प्रदेश व ज़िला सिरसा के विभिन्न संगठनों ने सिरसा के साहित्यिक सामाजिक क्षेत्र की नामचीन शख्सियत व प्रलेस हरियाणा राज्य इकाई के वित्त-सचिव श्री सुरजीत सिंह रेणू (04. 11. 1976 - 14. 01. 2026) के असामयिक आकस्मिक दुःखद निधन पर गहन शोक का इज़हार करते हुए उनके प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किए हैं।

हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा हरियाणा गौरव के सम्मान से सम्मानित व प्रलेस राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे हरियाणा के प्रतिबद्ध प्रगतिवादी पंजाबी कवि मरहूम हरिभजन सिंह रेणू के छोटे सुपुत्र सुरजीत सिंह रेणू साहित्यिक-सामाजिक-सांगठनिक सरोकारों के प्रति सपर्पित एक कर्मठ और सक्रिय प्रतिबद्ध कार्यकर्त्ता के तौर पर अपने सशक्त हस्ताक्षर स्थापित कर चुके थे। 14 जनवरी को प्रातः हृदय-गति रुक जाने की वजह से वह असामयिक आकस्मिक अलविदा कह गए।


प्रलेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पी लक्ष्मी नारायणा, कार्यकारी अध्यक्ष विभूति नारायण राय, महासचिव डॉ. सुखदेव सिंह सिरसा, वित्त सचिव एवं पंजाबी साहित्य अकाडमी, लुधियाणा के अध्यक्ष डॉ. सरबजीत सिंह, महासचिव डॉ. गुलज़ार सिंह पंधेर, प्रलेस राष्ट्रीय अध्यक्षमंडल के सदस्य कॉ. स्वर्ण सिंह विर्क, राष्ट्रीय सचिवमंडल के सदस्य, प्रलेस हरियाणा राज्य इकाई के महासचिव एवं पंजाबी साहित्य अकाडमी, लुधियाणा के उपाध्यक्ष डॉ. हरविंदर सिंह सिरसा, प्रलेस हरियाणा की अध्यक्ष एवं पंजाबी साहित्य अकाडमी, लुधिआणा की वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पाल कौर, प्रलेस हरियाणा के संरक्षक प्रो. हरभगवान चावला, डॉ. रतन सिंह ढिल्लों,

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वरिष्ठ उपाध्यक्ष तनवीर ज़ाफ़री, वित्त सचिव प्रो. गुरदेव सिंह देव, प्रलेस सिरसा के अध्यक्ष डॉ. गुरप्रीत सिंह सिंधरा, सचिव डॉ. शेर चंद, प्रलेस हरियाणा के उपाध्यक्ष, पंजाबी लेखक सभा, सिरसा के अध्यक्ष एवं संवाद सिरसा के संयोजक परमानंद शास्त्री व प्रलेस हरियाणा एवं पंजाबी लेखक सभा, सिरसा के सचिव सुरजीत सिंह सिरड़ी ने कहा है कि सुरजीत सिंह रेणू के निधन से प्रगतिशील साहित्यिक-सामाजिक-सांगठनिक क्षेत्रों की जो क्षति हुई है वह अपूरणीय है। उन्होंने सुरजीत सिंह रेणू के निधन पर उनके पारिवारिक सदस्यों, स्नेहियों और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक सहानुभूति एवं शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रगतिशील साहित्यिक-सामाजिक-सांगठनिक क्षेत्रों में प्रदत्त उल्लेखनीय योगदान हेतु सुरजीत सिंह रेणू की स्मृति सदैव बनी रहेगी।