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फैशन डिजाइन एंड लाइफ़स्टाइल टेक्नोलॉजी विभाग के द्वारा विद्यार्थियों को मार्किट एनालिसिस के रूप में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया

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mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के अंतर्गत फैशन डिजाइन एंड लाइफ़स्टाइल टेक्नोलॉजी विभाग के द्वारा विद्यार्थियों को मार्किट एनालिसिस के रूप में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के अधिष्ठाता प्रोफेसर मोहम्मद काशिफ़ किदवई ने इस कार्यक्रम के बारे में विचार रखते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि जब तक व्यवहारपरक शिक्षा नहीं प्रदान की जाएगी तब तक गुणवत्ता की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में इस प्रकार के कार्यक्रम छात्र-छात्राओं को उद्योग जगत को क़रीब से जानने का अवसर प्रदान करते हैं। इसलिये सभी छात्र-छात्राओं को ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में सृजन एवं नवाचार के लिए प्रेरित किया और साथ ही फैशन डिजाइनिंग में अनंत संभावनाओं के मद्देनजर रोज़गार के अवसरों को रेखांकित किया।


इस कार्यक्रम में विभाग की प्राध्यापिकाओं डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. बेअंत कौर, डॉ. रूपिंदर एवं कनिष्का ने विभाग के विद्यार्थियों को सिरसा के स्थानीय बाज़ार ले जाकर भिन्न प्रकार की उत्पादन सामग्री से परिचित कराया।  फैब्रिक एवं उसकी सज्जा के लिए उपयोग में आने वाली सामग्रियों, डिजाइनिंग प्रक्रिया तथा उद्योग में उसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के भिन्न-भिन्न प्रकार बताने के साथ-साथ उन्हें इनके बाज़ार मूल्य से भी परिचित कराया गया।

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इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए विभाग की प्राध्यापिका डॉ. गुरप्रीत ने बताया कि बाजार में सब प्रकार के उत्पाद मिलते हैं लेकिन कम मूल्य में सर्वश्रेष्ठ सामग्री लाकर उसे ही प्रयोग में लाना एवं सृजनात्मकता के माध्यम से उसका रूप विन्यास करना फैशन डिजाइन के सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है। डॉ. बेअंत ने बताया कि उद्योग जगत के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए एवं बारीकियां समझने के लिए ऐसे कार्यक्रम युवा छात्र-छात्राओं को एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं।

डॉ. रूपिंदर ने बताया कि विद्यार्थियों ने बहुत ध्यान एवं रूचि के साथ बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रकार के उत्पादों को जांचा-परखा और अपनी समझ विकसित की। कनिष्का ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार बाज़ार-विश्लेषण के अंतर्गत विद्यार्थियों को अन्य स्थानों पर भी लेकर जाया जाएगा।