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नेजाडेला कलां स्थित वार्तिया ढाणी धन्नू शहीद की बेटी की शादी में मददगार बनी साध-संगत

 
The devotees became helpful in the marriage of the daughter of the martyr of Vartia Dhannu Dhannu located in Nejadela Kalan
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 The devotees became helpful in the marriage of the daughter of the martyr of Vartia Dhannu Dhannu located in Nejadela Kalan

mahendra india news, new delhi
शाह सतनाम जी नगर की साध-संगत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं पर अमल करते हुए लगातार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग कर रही है। इसी कड़ी में शनिवार को साध-संगत ने नेजाडेला कलां स्थित वार्तिया ढाणी धन्नू शहीद में बिना पिता की बेटी की शादी में घरेलू जरूरत का पूरा सामान देकर मानवता का परिचय दिया। यह साध-संगत द्वारा की गई 30वीं शादी सहायता है।


- बिना पिता की बेटी के हाथ पीले करने में बना सहारा
जानकारी के अनुसार नेजाडेला कलां निवासी रतो बाई, पत्नी स्वर्गीय खजान चंद्र की चार बेटियां हैं। सांस की बीमारी के चलते खजान चंद्र का देहांत हो चुका है। आर्थिक तंगी के बीच बेटी परमजीत कौर की शादी तय हुई तो परिवार ने मदद के लिए शाह सतनाम जी नगर की साध-संगत से संपर्क किया। आग्रह मिलते ही साध-संगत ने तुरंत सहयोग का निर्णय लिया। शनिवार को ब्लॉक की सेवादार बहनें लड़की के घर पहुंचीं और शादी के लिए आवश्यक घरेलू सामान दिया। इस दौरान ग्राम पंचायत और परिजनों ने साध-संगत के इस कार्य की सराहना की।

 शादी में दिया गया यह सामान
परमजीत कौर की शादी में साध-संगत की ओर से डबल बैड, गद्दे, दीवार घड़ी, 41 स्टील के बर्तन, दो सिराने, प्रेस, दो डबल बैड की चादरें, पर्स, दो कुर्सियां, एक मेज, तौलिए, रजाइयां सहित अन्य जरूरी सामान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 1100 रुपये का शगुन देकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद भी दिया गया।

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 दुख-दर्द में साथ देना ही सच्ची इंसानियत
शाह सतनाम जी नगर की सच्ची प्रेमी समिति की सदस्य आशा इन्सां, प्रभा इन्सां, हरविंदर इन्सां, नीलम इन्सां, राज मुखिजा, निधि, सुमन, लक्ष्मी इन्सां, किरण बाला, मीनू, सोनिया, सरोज बाला, वीना इन्सां, कनिका इन्सां, विशाली इन्सां, अनीता सिंगला, महक, कमलेश इन्सां और रीतु इन्सां ने इस सेवा कार्य में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरु जी के वचन हैं कि किसी के दुख-दर्द और तकलीफ में शामिल होकर उसे दूर करना ही सच्ची इंसानियत है। लड़की की माता रतो बाई ने भी साध-संगत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से उनकी बड़ी चिंता दूर हो गई और बेटी की शादी सम्मानपूर्वक संपन्न हो सकी।